पिछले कई दिनों से जानलेवा शीतलहर का सामना कर रहे लोगों ने मंगलवार को राहत की सांस ली। सुबह से ही आसमान साफ होने और सूरज निकलने से दिन का तापमान 15.8 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि न्यूनतम पारा सोमवार की तुलना में 6.3 डिग्री से गिरकर 4.3 डिग्री पर जा पहुंचा। एक दिन पहले सोमवार को घने कोहरे के कारण मंगलवार को धूप निकलने की संभावना कम ही थी।
इस बीच ठंड से मौतों का सिलसिला मंगलवार को भी जारी। जिले के अलग अलग इलाकों से तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। मृतकों में मेजा के अनंतापुर निवासी कमला शंकर मिश्र, (58 वर्ष), बहरिया के रामगढ़ कोठारी गांव निवासी रमेश कुमार (35 वर्ष) बीरगंज निवासी फूलमती (65 वर्ष) शामिल है। जानलेवा ठंड के चलते अब तक जिले में 80 लोगों की मौत हो चुकी है यह वह आंकड़ा है जिसकी जानकारी मिल गई।
ठंड के चलते शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में ‘कनेक्टिव टिश्यू डिसआर्डर’ की समस्या होने से पीड़ित मरीजों का दर्द और बढ़ गया है। अकेले एसआरएन अस्पताल में प्रतिदिन तीन सौ से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैैं। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के आर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष एवं सर्जन डॉ. डीसी श्रीवास्तव के मुताबिक ओपीडी में पहुंचने वाले वालेे मरीजों में ‘कनेक्टिव टिश्यू डिसआर्डर’ की समस्या है। गुनगुने पानी में स्नान, हाथ पैरों की तेल लगाकर सिंकाई करने से परेशानियों से बचा जा सकता है। ठंड के चलते कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। बीमारी का असर बच्चों और बुजुर्गाें पर ज्यादा है। बेली, काल्विन, एसआरएन में कोल्ड डायरिया से ग्रसित सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग इलाज करा रहे हैं। काल्विन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एके श्रीवास्तव के मुताबिक ओपीडी में औसतन 150 से अधिक कोल्ड डायरिया, न्यूमोनिया से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।