प्रयागराज। अच्छे मानसून का सपना बिखर भी सकता है। बारिश के नाम पर बूंदाबांदी ही हो रही है। बादल आते हैं और उड़ जाते हैं। इस कारण भादों में सूरज की तपिश जेठ जैसी बनी है। उमस भरी गर्मी में लोग परेशान हो रहे हैं।
अगस्त माह की 12 फिर 18 तारीख को बारिश ने 20 मिलीमीटर का आंकड़ा पार किया। इस बीच धूप छांव का मौसम बना रहा। कभी मानसूनी हवाओं ने दगा दिया तो कभी स्थानीय चक्रवात निष्प्रभावी हो गया। करीब 18 दिनों में दो से तीन दिन ही बारिश के तेज झोंके आए। अन्य दिनों में मामूली बूंदाबांदी ही हुई, वह भी कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित रही।
रविवार को तेज धूप अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे पहले 23 अगस्त को तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस पर आया था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आर्द्रता भी असंतुलित होकर अधिकतम 94 और न्यूनतम 61 डिग्री सेल्सियस रही।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान भी खरे नहीं उतर रहे हैं। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक बारिश के मौसम में चक्रवाती हवाओं की सक्रियता और स्थानीय चक्रवात का प्रभावी होना जरूरी है। दोनों में एक भी कमजोर हुआ तो बादल भटक जाएंगे। बादल टिके भी तो बारिश का क्रम कमजोर होगा। फिलहाल बारिश के आसार बने हैं।