तिलई बाजार (इलाहाबाद)। मऊआइमा इलाके के मानी उमरपुर गांव में शनिवार रात मजलिस के दौरान बखेड़ा हो गया। आरोप है कि विहिप और भाजपा से जुड़ा अभिषेक मजलिस में मौजूद महिलाओं के बीच बुर्का पहनकर छेड़खानी कर रहा था तभी उसे दबोचकर पीटा दिया गया। उसके कर्मचारी को भी लोगों ने धुना। मऊआइमा थाने में दोनों तरफ से केस दर्ज किया गया। अभिषेक का आरोप है कि उसे रास्ते में रोककर हमला किया गया था।
सुलतानपुर खास मऊआइमा निवासी अभिषेक यादव की पत्नी शिप्रा यादव इस बार जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। शनिवार देर रात उसे मानी उमरपुर में आयोजित मजलिस में भीड़ ने दबोचकर पीटा। आरोप है उसने एक महिला से छेड़खानी की तो पता चला कि बुर्का पहनकर पुरुष बैठा है। महिलाओं के शोर मचाने पर वह भागा तो जूते और जींस देख सशंकित लोगों ने बुर्का खींच लिया। भीड़ ने अभिषेक को घेरकर खूब पीटा। उसका कर्मचारी आतिफ अंसारी उर्फ राजू बाइक लेकर खड़ा दिखा तो उसे भी पकड़कर धुन डाला। तभी किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने फटा बुर्का कब्जेे में लेकर घायल अभिषेक और राजू को अस्पताल भेजा। मुकीमउद्दीन ने अभिषेक के खिलाफ मजलिस में बुर्का पहन महिलाओं से छेड़खानी कर दंगा भड़काने की साजिश का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। उधर, अभिषेक के भाई वीरसेन यादव ने आरोप लगाया कि अभिषेक कर्मचारी राजू अंसारी के साथ खरगापुर में ससुराल गया था। वहीं से बाइक पर लौटते समय पानी के छींटे पड़ने पर मानी उमरपुर में लोगों ने उन दोनों को सरिया और डंडे पीटा, हत्या की नीयत से फायर किया, सोने की चेन, 14 हजार रुपये नगद तथा तीन मोबाइल फोन लूट लिए। उसे बदनाम करने की नीयत से बुर्का पहनाकर फोटो खींची और फोटो व्हाट्स एप तथा फेसबुक पर पोस्ट कर दी।