उष्मापुर गांव में घूंघट की ओट में मतदान करने के लिए लाइन में लगीं महिलाएं।
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दोपहरी के चढ़ने और धूप के तेज होने के साथ ही गांव की पगड़डियों पर घूंघट की ओट में महिला मतदाता अपने अधिकार के प्रयोग को आतुर दिखाई पड़ीं। अपने मताधिकार का प्रयोग करने में नई नवेली दुल्हनों के साथ ही घर की मुखिया और बुजुर्ग महिलाएं आगे रहीं। रंग-बिरंगे आकर्षक परिधानों में कुछ महिलाओं ने पहली बार मतदान का भी उत्सव मनाया। इलाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के मेजा, कोरांव, करछना, बारा विधानसभा क्षेत्र के साथ फूलपुर के सोरांव, लालगोपालगंज, मऊआइमा, फूलपुर, हनुमानगंज सहित पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में महिलाए मतदान को निकलीं।
मतदान केंद्रों पर भी पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा आधी आबादी अपने अधिकार के प्रयोग में आगे रहीं। कोरांव के तरांव मतदान केंद्र जहां दोपहर तक आधे मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग कर लिया था, इस मतदान केंद्र पर महिलांए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित लोकगीत गाते हुए क्षेत्र में मतदान के लिए पहुंची। इन महिलाओं का उत्साह देखकर लगा कि जैसे आधी आबादी आज अपने अधिकार के प्रयोग को लेकर सबसे आगे है। मेजा के बंधवा मतदान केंद्र से अपने मत का प्रयोग करने के बाद परिवार के मुखिया सुरेंद्र प्रसाद गौड़ के साथ लौट रहीं बरसैता गांव की महिलाओं का कहना था कि अर्से बाद क्षेत्र से किसी महिला प्रत्यासी को मौका मिला है, इस बात का ध्यान रखकर उन लोगों ने मतदान को ठान लिया था।
सिरसा के लाला रामलाल अग्रवाल मतदान केंद्र पर पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची महिलाएं इस प्रकार से खिलखिलाकर खुशी जता रहीं थी जैसे आज उन्हें पूरे जहां की खुशियां मिल गई हों। मतदान के बाद बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं पोलिंग स्टेशन केएक कोने में बैठकर एक-दूसरे का हाल पूछने में लगी रहीं। अलग-अलग मोहल्लों से पहुंची युवा महिला मतदाता ने बुजर्ग महिलाओं के पांव छूकर आशीर्वाद भी लिया। कोरांव के कई मतदान केंद्रों पर गांव के लोगों ने दूर-दराज से महिला मतदाताओं को पोलिंग तक अपने निजी चार पहिया वाहन से पहुंचाने का काम किया। इसी प्रकार का दृश्य फूलपुर के कई मतदान केंद्रों पर भी देखने को मिला। मतदान को पहुंची महिलाएं इस बात को लेकर खुश थीं कि अबकी बार उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए दो महिला प्रत्याशी आगे आई हैं।