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प्रयागराज : लाइट मेट्रो की राह हुई आसान, डीपीआर बनाने का मिला फरमान, लंबे समय से चल रही थी कवायद

Thu, 06 Jul 2023 12:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम नगरी में 2017 से ही मेट्रो के संचालन को लेकर कवायद चल रही थी। इसके लिए डीपीआर भी तैयार हो गई थी, सर्वे के दौरान शहर में ट्रैफिक कम होने के कारण मेट्रो के स्थान पर लाइट मेट्रो के संचालन पर सहमति बनी थी। इसके बाद इसका प्रस्ताव उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन को भेज दिया गया था।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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संगम नगरी में लाइट मेट्रो चलाने में आ रही अड़चन आखिरकार खत्म हो गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन की तरफ से पीडीए को लाइट मेट्रो का डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद पीडीए की तरफ से भी तैयारी शुरू कर दी गई है।

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प्रयागराज में मेट्रो चलाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी, इसके लिए राईट्स संस्था की तरफ से सर्वे भी कराया गया था। इसके बाद मेट्रो के स्थान पर लाइट मेट्रो चलाने की चर्चा होने लगी। शहर के किन क्षेत्रों में मेट्रो का संचालन होना है, इस संबंध में राईट्स के द्वारा सर्वे करके उसकी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन को भेज दी गई थी।

अप्रैल में भेजी गई रिपोर्ट के बाद से ही प्रयागराज विकास प्राधिकरण को हरी झंडी मिलने का इंतजार था। लाइट मेट्रो के संचालन को लेकर चल रहे उहापोह के बीच आखिरकार उसके संचालन को हरी झंडी मिल गई। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन की तरफ से पीडीए सचिव को भेजे गए पत्र में लाइट मेट्रो के लिए राईट्स संस्था से डीपीआर बनवाने का निर्देश दिया गया है।

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प्रयागराज में लाइट मेट्रो के संचालन के लिए पूर्व में पीडीए की तरफ से दो मार्गों को चिह्नित किया गया था। इसकी दूरी 44 किलोमीटर थी। पहले फेज में झूंसी से बम्हरौली तक लाइट मेट्रो चलाने की तैयारी की गई थी।

गौरतलब है कि संगम नगरी में 2017 से ही मेट्रो के संचालन को लेकर कवायद चल रही थी। इसके लिए डीपीआर भी तैयार हो गई थी, सर्वे के दौरान शहर में ट्रैफिक कम होने के कारण मेट्रो के स्थान पर लाइट मेट्रो के संचालन पर सहमति बनी थी। इसके बाद इसका प्रस्ताव उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन को भेज दिया गया था। उसके बाद से कारपोरेशन की तरफ से हरी झंडी मिलने का इंतजार चल रहा था।
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