इस दौरान शिप्रा ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु राज्य के जंगलों को पार किया। राम जानकी के पद चिन्ह के दर्शन किए। शिप्रा पाठक ने इस दौरान राम जानकी वन गमन मार्ग में पड़ने वाली दर्जनों मुख्य नदियों के जल को एकत्र कर रामेश्वरम् भगवान पर जलाभिषेक किया।
शिप्रा पाठक ने इस पद यात्रा के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों में अध्यात्म जागरण से पर्यावरण जागरण भी किया है। उन्होंने राम जानकी के पद चिन्ह के साथ साथ राम जानकी वन वाटिका लगाने की भी संरचना की है, जिसमें पर्यावरण प्रेमियों को जोडकर उनके द्वारा सहयोग लिया जाएगा। शिप्रा ने राम भक्तों को राम नाम के संकल्प को शक्ति के बारे में बताते हुए कहा पूरी पद यात्रा में श्री राम जानकी अदभुत रूप से उनका मार्गदर्शन करते रहे। उन्होंने कहा अपने इन पवित्र अनुभवों को संरक्षित करने के लिए एवम भारत के लोगों से इस यात्रा का अनुभव साझा करने के लिए एक पुस्तक भी लिखेंगी।