फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाटर वूमन : अयोध्या से रामेश्वरम तक पदयात्रा करने वाली शिप्रा प्रयागराज पहुचीं, बड़े हनुमानजी का लिया आशीर्वाद

Fri, 22 Mar 2024 05:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महंत बलवीर गिरि ने कहा कि यह 3952 किमी की राम जानकी पद यात्रा बिना राम और हनुमान की इच्छा के संभव नहीं है। श्री राम अपने कार्य करने का अवसर हर किसी को नहीं देते। यह शिप्रा पाठक के पूर्व जन्म के सिंचित कार्य हैं। 
विज्ञापन
वाटर वूमन शिप्रा पाठक ने महंत बलवीर गिरि का लिया आशीर्वाद। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामेश्वरम से अयोध्या तक 3952 किलोमीटर की पदयात्रा 105 दिन में पूरी करने वाली वाटर वूमन के नाम से चर्चित शिप्रा पाठक ने शुक्रवार को श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन करने के बाद महंत बलवीर गिरि का आशीर्वाद लिया। बलवीर गिरि ने कहा कि राम वन गमन की अयोध्या से रामेश्वरम तक की पद यात्रा हनुमान जी के आशीर्वाद से ही संभव है। वाटर वूमन शिप्रा पाठक ने 105 दिनों में अयोध्या से रामेश्वरम तक राम जानकी वन गमन पद यात्रा कर इतिहास बना दिया है।

विज्ञापन


महंत बलवीर गिरि ने कहा कि यह 3952 किमी की राम जानकी पद यात्रा बिना राम और हनुमान की इच्छा के संभव नहीं है। श्री राम अपने कार्य करने का अवसर हर किसी को नहीं देते। यह शिप्रा पाठक के पूर्व जन्म के सिंचित कार्य हैं। 

अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस पर शिप्रा ने सर्वप्रथम त्रिवेणी दर्शन कर बड़े हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। सभी से उन्होंने जल की हर बूंद को संरक्षित करने का निवेदन किया। आपको बताते चलें कि देश में वाटर वूमन के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने 27 नवंबर को अयोध्या से अपनी राम जानकी पद यात्रा की शुरुआत की थी, जिसका समापन 11 मार्च को रामेश्वरम् में हुआ।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

इस दौरान शिप्रा ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु राज्य के जंगलों को पार किया। राम जानकी के पद चिन्ह के दर्शन किए। शिप्रा पाठक ने इस दौरान राम जानकी वन गमन मार्ग में पड़ने वाली दर्जनों मुख्य नदियों के जल को एकत्र कर रामेश्वरम् भगवान पर जलाभिषेक किया।

शिप्रा पाठक ने इस पद यात्रा के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों में अध्यात्म जागरण से पर्यावरण जागरण भी किया है। उन्होंने राम जानकी के पद चिन्ह के साथ साथ राम जानकी वन वाटिका लगाने की भी संरचना की है, जिसमें पर्यावरण प्रेमियों को जोडकर उनके द्वारा सहयोग लिया जाएगा। शिप्रा ने राम भक्तों को राम नाम के संकल्प को शक्ति के बारे में बताते हुए कहा पूरी पद यात्रा में श्री राम जानकी अदभुत रूप से उनका मार्गदर्शन करते रहे। उन्होंने कहा अपने इन पवित्र अनुभवों को संरक्षित करने के लिए एवम भारत के लोगों से इस यात्रा का अनुभव साझा करने के लिए एक पुस्तक भी लिखेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें