Water pressure increases in Ganga-Yamuna due to rain
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प्रयागराज। एमपी, राजस्थान, उत्तराखंड समेत तराई क्षेत्रों में बारिश से गंगा-यमुना केजल स्तर में शनिवार को भी उतार-चढ़ाव बना रहा। इससे दोनों नदियों के जलस्तर में घटाव की गति फिर कमजोर पड़ गई है। देर शाम गंगा-यमुना एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से घटती रहीं। हालांकि चंबल, केन व बेतवा में फिर से उफान के बावजूद अभी तक बांधों से यमुना में पानी न छोड़े जाने से राहत महसूस की जा रही है। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार अगर अब बांधों से बड़ी जलराशि नहीं छोड़ी गई तो अगले 48 घंटे में कछारी बस्तियों से पानी निकल जाएगा।
पिछले 24 घंटे के दौरान शनिवार की सुबह फाफामऊ में 114 एमएल बारिश रिकार्ड की गई। इस दिन लगातार बारिश न होने से थोड़ी राहत भी महसूस की गई। हालांकि यूपी समेत अन्य पड़ोसी राज्यों में हो रही बारिश के चलते दोबारा नदियों में उफान आने की भी आशंका है। गंगा, यमुना व टोंस में जलदबाव बढ़ता जा रहा है। इससे बाढ़ को लेकर चिंता बनी हुई है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से शाम चार बजे जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा-यमुना दोनों के जल स्तर में घटाव की रफ्तार काफी कम हो गई है।
इस समय तक गंगा-यमुना में क्रमश: एक-एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जल स्तर घटता रहा। इससे गंगा के कछारी इलाकों में डूबे हजारों घरों में मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। बारिश से बाढ़ प्रभावित इलाके की गलियों में फिर पानी लग गया है और आवाजाही प्रभावित हो गई है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी से घिरे मकानों में फिलहाल राहत की उम्मीदें नहीं दिख रही हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के एक्सईएन ब्रजेश सिंह का कहना है कि बारिश से मौसम साफ होते ही स्थिति काबू में आने लगेगी। लगातार बारिश के बावजूद बांधों से बड़ी जलराशि नहीं छोड़ी जा रही है। इससे अगले दो दिनों में बाढ़ प्रभावित बस्तियों से पानी काफी हद तक निकलने की उम्मीद है।
शाम चार बजे तक का जल स्तर
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गंगा
फाफामऊ- 82.62 मीटर
छतनाग-81.90 मीटर
यमुना
नैनी- 82.46 मीटर
खतरे का निशान
84.73 मीटर