Water near Cachar, stir at the confluence
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कछार के निकट पानी,संगम पर फिर हड़कंप
क्रासर
गंगा-यमुना के जल स्तर में वृद्धि से तटीय इलाकों में बढ़ी परेशानी
चौबीस घंटे में 40 सेंमी बढ़ा जल स्तर, खतरे के निशान से अब भी नौ मीटर नीचे गंगा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गंगा-यमुना के जलस्तर में सोमवार फिर वृद्धि शुरू हो गई। इससे बेली कछार समेत कई तटीय बस्तियों के करीब पानी पहुंचने से झोपड़पट्टियों समेत किनारों पर जिंदगी बसर करने वालों के माथे पर बल पड़ गए। संगम तट पर दिन भर चौकियों को हटाने की मशक्कत की जाती रही। चौबीस घंटे में गंगा केजलस्तर में 40 सेंमी की वृद्धि से लोग गृहस्थी बचाने के लिए सजग हो गए हैं। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नौ मीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर में वृद्धि शुरू होने के बाद सुबह से ही घाटिए और तीर्थपुरोहित संगम तट से अपनी चौकियां हटाने में जुट गए। पूजा-प्रसाद की दुकानें भी लेकर लोग हटने शुरू हो गए हैं। नरोरा और कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से अगले चौबीस घंटे में भी गंगा-यमुना के जल स्तर में वृद्धि जारी रहने के संकेत मिले हैं। गंगा -यमुना के जलस्तर में रविवार की आधी रात से 2.30 सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। जल स्तर में वृद्धि से सबसे अधिक परेशानी तीर्थपुरोहित परिवारों को झेलनी पड़ी। देर शाम तक संगम के अलावा अक्षयवट, रामघाट व अन्य घाटों से पंडों-तीर्थ पुरोहितों की चौकियां सुरक्षित स्थानों पर ले जाई जाती रहीं। तीर्थपुरोहित बच्चा गुरु ने बताया कि गंगा में तेज रफ्तार के चलते दिक्कत पैदा हो गई है। इससे लगातार पीछे खिसकना पड़ रहा है। फूलमाला, दूध व पूजा का सामान की दुकानें भी अक्षयवट मार्ग पर लगा दी गईं। नाले पर झोपड़ी बनाने वालों के माथे पर बल पड़ गए। इसी तरह रफ्तार बनी रही तो बेली कछार समेत कई इलाकों में अगले दो दिन में पानी घुसने की आशंका है। इससे लोगों को घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।