तीन माह के प्रमाणपत्र कार्यक्रम में यूजी, पीजी और रिसर्च के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। इसमें थ्योरी कक्षाओं के साथ फील्ड वर्क और प्रैक्टिकल कराया जाएगा। इस दौरान एक बैच द्वारा एक तलाब को दुरुस्त किया जाएगा और झील को कचरा मुक्त किया जाएगा।
सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल साक्षरता की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इसके लिए तीन माह का प्रमाणपत्र कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इसमें कॉलेज के किसी भी विभाग का कोई भी विद्यार्थी नि:शुल्क प्रवेश ले सकेगा।
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प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे के निर्देश पर रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद शर्मा ने यह पाठ्यक्रम तैयार किया है और इसमें विभाग की संयोजिका डॉ. बबिता अग्रवाल की भी प्रमुख भूमिका रही। तीन माह के प्रमाणपत्र कार्यक्रम में यूजी, पीजी और रिसर्च के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। इसमें थ्योरी कक्षाओं के साथ फील्ड वर्क और प्रैक्टिकल कराया जाएगा। इस दौरान एक बैच द्वारा एक तलाब को दुरुस्त किया जाएगा और झील को कचरा मुक्त किया जाएगा।
इसके तहत कॉलेज को जल मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा और वर्ष जल संचयन के बेहतर प्रबंध किए जाएंगे। विद्यार्थियों को जल प्रदूषण के तहत अशुद्धता के मानक, स्रोत, पहचान के तरीके और उनकी व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।