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Prayagraj News: यमुना में घटने लगा पानी, गंगा भी स्थिर

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कछार में बसे लोगों के लिए सिंचाई विभाग की बृहस्पतिवार रात आठ बजे की रिपोर्ट राहत लेकर आई। यमुना नदी में पानी घटने लगा है तो गंगा भी स्थिर हो गई है। हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। इसके अलावा पहाड़ों पर बारिश जारी है। ऐसे में खतरा अब भी बना हुआ है।
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.44 मीटर पहुंच गया। हालांकि इसके बाद जलस्तर में बढ़ोतरी थम गई है। फाफामऊ और संगम के बाद छतनाग में भी गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है।
नैनी में यमुना का जलस्तर 84.12 मीटर रहा। चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर 84.15 मीटर था। इस तरह से चार घंटे में यमुना के जलस्तर में तीन सेमी की कमी दर्ज की गई। यह कमी बहुत कम है लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला थमने से कछारी इलाके लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत महसूस की है।
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टोंस व पहाड़ों पर बारिश से खतरा
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह का कहना है कि पीछे की तरफ से पानी आना कम हुआ है। ऐसे में शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में कमी के आसार हैं लेकिन टोंस नदी में पानी ज्यादा है। इससे चिंता बनी हुई है। टोंस के दबाव के कारण संगम से पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है। टोंस के रुख पर बहुत कुछ निर्भर रहेगा। उधर पहाड़ों पर तेज बारिश जारी है जिससे खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गई है। ब्यूरो

बाढ़ से डेढ़ लाख से अधिक की आबादी प्रभावित
प्रयागराज। बाढ़ की चपेट में डेढ़ लाख से अधिक आबादी आ गई है और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। बघाड़ा, तेलियरगंज, सलोरी, शिवकुटी, बेली, राजापुर, अंदावा, अशोक नगर के कछारी इलाकों में काफी ऊपर तक पानी आ गया है। इन क्षेत्रों की करीब तीन दर्जन बस्तियां बाढ़ की चपेट में हैं। दो दर्जन से अधिक सड़कें व गलियां पानी से लबालब हैं। प्रशासन की ओर से खोले गए छह बाढ़ राहत शिविरों में बृहस्पतिवार शाम चार बजे तक 668 परिवारों के 2600 से अधिक लोग पहुंच गए थे। शिविरों में लोगों के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वहीं फूलपुर, सोरांव, करछना, मेजा आदि तहसीलों के अंतर्गत 100 से अधिक गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई बस्तियों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। इसकी वजह से पूरे जिले में 56 नावें और तीन मोटरबोट भी चलाई गई हैं। ब्यूरो

प्रभावित मोहल्ले और गांव
सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, राजापुर देह माफी, बघाड़ा, नेवादा, बेली कछार, बेली उपरहार, मेहंदौरी, सलोरी, शिवकुटी, म्योराबाद, दारागंज मोहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। फूलपुर सोनौटी, बदरा, लीलापुर, धोकरी, करछना में देहली, भगेसर, सोरांव में फाफामऊ, गंगानगर, मेजा में अमिलिया, झरियारी गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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कंट्रोल रूम नंबर
0532-2641577, 0532-2641578, 0532-2641597, 0532-2641598, 1077
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