कौड़िहार ब्लॉक के 28 गांवों की पचास हजार आबादी पांच साल से पानी के लिए तरस रही है। जल निगम की टोटियों से पानी नहीं टपक रहा है। अधिकारियों की लगातार जांच के बावजूद जमीनी स्थिति जस की तस है।
विदेशी संस्था डच के सहयोग से कौड़िहार स्थित ओवरहेड टैंक की स्थापना 1978 में हुई थी। तत्कालीन उद्योग एवं सिंचाई राज्य मंत्री अमीन अंसारी ने इसका लोकार्पण किया था। करीब पांच साल पहले विधायक विक्रमाजीत मौर्य के प्रयासों से जल निगम के पंप का रिबोर किया गया था।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पानी की किल्लत दूर होगी लेकिन रिबोर के बाद से ही आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमिगत पाइपलाइन डालने में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। पहले ठेकेदार कार्य अधूरा छोड़कर चला गया था।
एक वर्ष पहले सीडीओ ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने कौड़िहार बीडीओ से जांच कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। समस्या के समाधान के लिए दोबारा पाइप डालने की निविदा हुई, लेकिन वर्तमान में कराया जा रहा कार्य भी धांधली की भेंट चढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि जल निगम की पाइप को एक मीटर गहरा होना चाहिए, लेकिन ठेकेदार महज एक से डेढ़ फीट की गहराई पर पाइप डालकर खानापूर्ति कर दी। तीन माह बीत जाने के बाद भी यह कार्य अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम पूरा नहीं हो रहा है।
-पांच साल से हमने सरकारी नल में पानी नहीं देखा। पाइपलाइन डाली जा रही है, लेकिन इतनी ऊपर कि सड़क बनते ही वह टूट जाएगी। -कुंजन चौरसिया
- भीषण गर्मी में हैंडपंप साथ छोड़ रहे हैं। 28 गांवों की प्यास बुझाने वाली योजना भ्रष्टाचार के कारण दम तोड़ चुकी है। अधिकारियों को हमारी तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। - अनिल कुमार विश्वकर्मा
पाइपलाइन डालने में दिक्कत आने से अभी जलापूर्ति बहाल नहीं हुई। कोशिश की जा रही है कि जल्द समस्या का समाधान हो जाए। -
निरंजन कुमार अवर अभियंता, जल निगम कौड़िहार
फोटो परिचय नवाबगंज 03 कौड़िहार की पानी टंकी- फोटो : Samvad
फोटो परिचय नवाबगंज 03 कौड़िहार की पानी टंकी- फोटो : Samvad
फोटो परिचय नवाबगंज 03 कौड़िहार की पानी टंकी- फोटो : Samvad