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पॉवर प्रोजेक्ट से संगम पर होगा जल संकट!

Sat, 17 Jan 2015 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। बारा एवं करछना में थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के लिए गंगा-यमुना से जल लेेने से संगम नगरी में माघ मेला, अर्द्धकुंभ और महाकुंभ के आयोजन पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। इसकी वजह से संगम पर जल संकट खड़ा हो जाएगा। ऐसे में यह मामला अब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है। समाजसेवी एवं एनजीआरबीए की जिला अनुश्रवण समिति के सदस्य कमलेश सिंह ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पॉवर प्लांट में नदियों से जल लेने पर संगम पर जल संकट के संबंध में अवगत कराया है।
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उन्होंने कहा है कि गंगा-यमुना से जल लेने पर पौराणिक मेले का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। 12 जनवरी को जेसीबी और पोकलैंड से रेत हटाकर माघ मेला प्रशासन ने गंगा जल एकत्र किया, वर्ना संगम पर छह इंच भी जल नहीं था। उनका राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को आगाह किया है कि बारा एवं मेजा थर्मल प्लांट में गंगा-यमुना से रोज लाखों लीटर पानी जाएगा, जिससे संगम पर पहले से बेहद कम जल और कम हो जाएगा। संगम पर जल नहीं होगा तो हर वर्ष लगने वाले माघ मेला तथा छह वर्ष पर अर्द्धकुंभ और 12 वर्ष में लगने वाले महाकुंभ पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने दुनिया के इस सबसे बडे़ धार्मिक मेले के अस्तित्व को बचाने के लिए तत्काल उचित कदम उठाने की मांग की है।

समाजसेवी ने गंगा की अविरल और निर्मल धारा छोड़ने की मांग की है। साथ ही नगरों से निकलने वाले प्रदूषित सीवरेज के पानी को शोधित कर उसका उपयोग विद्युत उत्पादन गृह में करने को कहा है। उन्होंने शोधित पानी को ही खेती, पार्कों की सिंचाई, बहुमंजिला इमारतों के निर्माण, रेल कोच की घुलाई आदि में इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है। शोषित पानी को फायर हाईड्रेंड, पार्कों आदि तक पहुंचाने के लिए अलग से पाइप लाइन की व्यवस्था का भी सुझाव दिया है।
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