इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई शनिवार से शुरू होनी है। कार्रवाई से सहमे अंत:वासी लगातार कमरे खाली कर रहे हैं। बीते चार दिनों में विभिन्न हॉस्टलों में 1666 कमरे खाली हो गए। शुक्रवार को 497 अंत:वासियों ने कमरे खाली किए। शनिवार को एएन झा, केपीयूसी और महिला कॉलेज परिसर स्थित कल्पना चावला हॉस्टल में खाली कराया जाएगा। इविवि प्रशासन ने इन्हें समर हॉस्टल बनाया है।
इविवि के विभिन्न हॉस्टलों में अंत:वासियों को कमरे खाली करने के लिए 19 मई तक की मोहलत दी गई थी। इस बीच ज्यादातर हॉस्टलों में बड़ी संख्या में अंत:वासी सामान समेट कर जा चुके हैं। शुक्रवार तक एएन झा हॉस्टल में 98 कमरे, डीजे में 16, जीएन झा में 32, पीसी बनर्जी में 43, एसएसएल में 23, शताब्दी ब्वायज में 120, डॉ एसआरके ब्वायज में 75, हिंदू हॉस्टल में 34, केपीयूसी में 164, मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में 70, हॉलैंड हॉल में 42 एवं एसडी जैन में 22 कमरे खाली हो गए।
इसी तरह महिला कॉलेज परिसर स्थित एसएन गर्ल्स हॉस्टल में शुक्रवार तक कुल 221, पीडी में 252, शताब्दी में 108, कल्पना चावला में 89, महादेवी वर्मा में 98 एवं हॉल ऑफ रेसिडेंस में 156 कमरे खाली हुए। इविवि प्रशासन के अनुसार शनिवार को तीनों हॉस्टल खाली कराए जाएंगे। इसके बाद यहां से जो छात्र-छात्राएं बाहर होंगे उनमें से उन्हीं को कमरे अलॉट होंगे जिन्होंने समर हॉस्टल के लिए आवेदन किए हैं।
इविवि के तारा चंद हॉस्टल में अंत:वासी कमरे खाली करने को तैयार नहीं हैं। इसमें कुल 300 कमरे हैं। बृहस्पतिवार तक यहां मात्र तीन कमरे खाली हुए थे। शुक्रवार को एक भी अंत:वासी ने हॉस्टल नहीं छोड़ा।
समर हॉस्टल में कमरों में गलत तरीकों से आवंटन न हो, इसके लिए इविवि प्रशासन सख्त हो गया है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण आरकेपी सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि समर हॉस्टल के लिए आवेदन करने वाले ऐसे छात्र-छात्राएं जिन्होंने अपने आवेदन पत्र में निवास से संबंधित गलत सूचना दी है, उसकी जांच के लिए गोपनीय जांच समिति गठित की गई है। यदि जांच में यह पाया गया कि आवेदन पत्र में सूचना गलत दी गई है तो आवंटन रद्द करने के साथ उसका विवि से प्रवेश भी निरस्त कर दिया जाएगा। जिन्होंने आवेदन पत्र में गलत सूचना दी है, उन्हें आवेदन वापस लेने के लिए 20 मई तक का समय दिया गया है।