तीस साल पुराने मुकदमे में सोमवार को प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अरशद उर्फ मोहसिन रजा ने स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में उपस्थित होकर अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त किए जाने की याचना की।
प्रकरण की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी वारंट निरस्त कर दिया और 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने पर रिहा कर दिया। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।
घटना 19 मई 1989 की लखनऊ के वजीरगंज थाने की है। वादी ट्रक ड्राइवर लल्लन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि वादी अपना ट्रक लेकर जा रहा था। अकबर और अरशद अपनी साइकिल से ट्रक के सामने आ गए।
जब उसने ब्रेक लगा कर रोका तो उसे उतार कर दोनों लोगों ने पीटा और जान से मारने की धमकी दी थी। मुकदमे में उपस्थित न होने पर कोर्ट ने मोहसिन रजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।