हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सोमवार को पत्रकार संगठनों, शैक्षिक संस्थानों आदि की ओर से समय की शिला पर पत्रकारिता और पत्रकारों की चुनौतियों की परत दर परत पड़ताल की गई। इलाहाबाद न्यूज रिपोर्टर्स क्लब में ’वर्तमान में पत्रकारिता की चुनौतियां’ विषय पर चर्चा के दौरान वक्ताओं ने बदलते दौर में पत्रकारिता की राह की दुश्वारियां बताईं तो नए हौसले के साथ इन्हीं चुनौतियों के बीच चले चलो का संकल्प भी दिलाया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ.प्रदीप भटनागर, इंद्रकांत मिश्र आदि ने कहा, पूंजीवाद, बाजारवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद सहित कई अन्य चुनौतियां जरूर हैं लेकिन पत्रकार इन्हें नजरअंदाज करते हुए अपनी राह चुनें और आगे बढ़ते रहें। क्लब सचिव मुनेंद्र बाजपेयी ने बताया, क्लब सदस्यों के लिए दुर्घटना बीमा योजना एक जून से लागू होगी। वहीं मीडिया डायरेक्टरी भी जल्द प्रकाशित होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष अशोक चतुर्वेदी ने की।
इलेक्ट्रानिक मीडिया क्लब की ओर से ‘सोशल मीडिया और समाज पर उसका प्रभाव’विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं प्रो.योगेश्वर तिवारी,वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद शुक्ला, डॉ.प्रदीप भटनागर, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जुगुल किशोर तिवारी आदि ने सोशल मीडिया के खतरों के बारे में आगाह किया। संयोजक वीरेंद्र पाठक ने इलाहाबाद की गौरवशाली पत्रकारिता रेखांकित की जाएगी। अध्यक्ष संदीप तिवारी ने स्वागत किया।
नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालस में हुए समारोह में कुलाधिपति जेएन मिश्र ने कहा, सामाजिक जागरुकता मेें हिन्दी पत्रकारिता का योगदान महत्वपूर्ण है। कुलपति प्रो.केबी पांडेय ने कहा, पत्रकारिता हमें सचेत करती है। प्रति कुलपति एससी तिवारी ने कहा, पत्रकारिता देश सेवा का कार्य है। पत्रकारिता विभाग के समन्वयक डॉ.सुनील कुमार मिश्र ने संयोजन किया। राष्ट्रीय युवा क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से आजाद पार्क में हुए कार्यक्रम में सुनील कुमार वर्मा ने कहा हिंदी पत्रकारिता की अलग पहचान है।
‘ये जो मीडिया है’से मिलेगी नई पीढ़ी को राह
मीरा फाउंडेशन और साहित्य भंडार की ओर से अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में मीडिया विश्लेषक डॉ.धनंजय चोपड़ा की पुस्तक ‘ये जो मीडिया है’ का लोकार्पण किया गया। बाद में परिचर्चा के दौरान विज्ञान परिषद के प्रधानमंत्री प्रो.शिवगोपाल मिश्र ने कहा, प्रस्तुत पुस्तक नई पीढ़ी के पत्रकारों कोे राह दिखाएगी। इसमें उठाए गए मुद्दे अपने समय की पड़ताल करते हैं। केंद्र प्रभारी प्रो.संतोष भदौरिया ने कहा, पुस्तक वर्तमान इलेक्ट्रानिक मीडिया की कारगुजारियों पर गंभीर टिप्पणी भी करती है। वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष नारायण ने कहा, समय के साथ पत्रकारिता भी बदल रही है। लेखक धनंजय चोपड़ा ने कहा, बदलते समाज और बाजार के दबाव में मीडिया में भी बदलाव हुए हैं। संचालन अमित राजपूत और आभार ज्ञापन साहित्य भंडार के संस्थापक सतीश अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में प्रो.एए फात्मी, डॉ.प्रदीप भटनागर, यश मालवीय, नंदल हितैषी, डॉ.प्रकाश त्रिपाठी, डॉ शांति चौधरी, श्रीप्रकाश शुक्ल, ़देवव्रत द्विवेदी, निशांत सक्सेना, विभोर अग्रवाल आदि मौजूद थे।