प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय कॉलेजों में शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन संख्या-46 के तहत हुई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन किया और अपनी बात प्रभारी निदेशक डॉ. डीपी शाही के समक्ष रखनी चाहिए, लेकिन वह नहीं मिले। उनकी तरफ से कहलाया गया कि वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी प्रभारी निदेशक के पास नहीं हैं। ऐसे में नए निदेशक की नियुक्ति होने तक इंतजार करना होगा।
उधर, विज्ञापन संख्या 47 के तहत विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए 29 जुलाई से साक्षात्कार शुरू होने जा रहे हैं। विषयवार साक्षात्कार अलग-अलग तिथियों में कराए जाएंगे और साक्षात्कार पूरा होते ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। विज्ञापन संख्या 47 का अंतिम चयन परिणाम आते ही विज्ञापन संख्या 46 की प्रतीक्षा सूची स्वत: समाप्त हो जाएगी और प्रतीक्षा सूची में शामिल तकरीबन 200 अभ्यर्थी नौकरी से वंचित रह जाएंगे।
निदेशालय ने पिछले दिनों विज्ञापन संख्या 46 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए थे और नोटिस के माध्यम से उनसे कहा गया था कि अगर निर्धारित तिथि तक ज्वाइन नहीं करते हैं तो प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी को नियुक्ति दे दी जाएगी। इन दोनों नोटिसों के तहत अभ्यर्थियों को पहले छह मई 2019 और फिर सात जून 2019 तक का समय दिया गया। समयसीमा भी बीत चुकी है। प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी अब रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नियमों के चक्कर में उनकी नौकरी फंस गई है। निदेशालय स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है और शासन स्तर पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।