इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चयनित लगभग 700 शिक्षकों का इंतजार खत्म होेने वाला है। चयन बोर्ड के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार नियमावली में संशोधन करके सात-आठ साल से नियुक्ति के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे शिक्षकों का समायोजन करने जा रही है। सरकार की ओर से समायोजन पर फैसला होने के साथ विद्यालयों में खाली शिक्षकों के पद भरने का रास्ता साफ हो गया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी-पीजीटी के विभिन्न विज्ञापनों में चयनित शिक्षक विद्यालय प्रबंधन की ओर से ज्वाइन नहीं कराए जाने से वर्षों से परेशान हैं। यह शिक्षक पिछले कई वर्षों से सरकार एवं चयन बोर्ड से तैनाती के लिए गुहार लगाकर थक गए हैं। चयनित शिक्षक प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधन की मनमानी के शिकार हैं। चयन बोर्ड अध्यक्ष की ओर से प्रदेश के सचिव माध्यमिक शिक्षा एवं प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। अब इन शिक्षकों को बाद में आए अधियाचन वाले पदों पर भी नियुक्ति दी जा सकेगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी-पीजीटी 2009-10 से पहले चुने गए शिक्षकों को अधियाचन के अनुरूप शिक्षकों को विद्यालयों में भेजे जाने पर तैनाती नहीं दी गई। चयनित शिक्षक विद्यालयों में पद नहीं होने का पत्र लेकर जब चयन बोर्ड पहुंचे तो वहां उन्हें दूसरे विद्यालय में ज्वाइन करने के लिए पत्र जारी कर दिया गया। चयनित शिक्षक एक स्कूल से दूसरे स्कूल में टहलते रहे, लेकिन उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। कोर्ट के आदेश के बाद कि चयनित शिक्षकों को उन्हीं पदों पर समायोजित किया जाएगा, जिन पदों के लिए उनका चयन हुआ है।