कोरोना संकट काल ने कई नई जरुरतों को जन्म दिया है। मुकदमों की ई फाइलिंग और वर्चुअल कोर्ट में मुकदमा बहस करना भी इन्हीं जरूरतों में शामिल है। कोरोना संक्रमण की वजह से अधिकांश अदालतों में ई फाइलिंग और वर्चुअल कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई हो रही है मगर वकीलों के इसके लिए अभ्यस्त न होने और जानकारी की कमी के कारण में इसमें खासी दिक्कतें आ रही हैं। इसे देखते हुए सुप्रीमकोर्ट की ई कमेटी ने देश के वकीलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमा बहस करने के लिए प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए सभी अधिवक्ता संगठनों से उनके यहां वकालत कर रहे लोगों का ब्यौरा मांगा गया है। यह ब्यौरा बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार कौंसिल के जरिए मांगा है। और राज्य बार कौंसिल ने अधिवक्ता संघों से अपने सदस्य वकीलों का ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
यूपी बार कौंसिल के चेयरमैन जानकी शरण पांडेय द्वारा सभी अधिवक्ता संघों को पत्र भेजकर वकीलों के बारे में व्यक्तिगत जानकारी मांगी है। अधिवक्ता संघों को सूचना एकत्र बार कौंसिल ऑफ इंडिया की ईमेल आईडी पर 30 सितंबर 2020 तक भेजने का निर्देश दिया है।
ऐसे अधिवक्ता जो किसी बार संघ के सदस्य नहीं हैं अपना विवरण बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। जिन अधिवक्ताओं का विवरण समय से बार कौंसिल ऑफ इंडिया नहीं पहुंचेगा उनके बारे में माना जाएगा कि वे अधिवक्ता के रूप में व्यवसायरत नहीं हैं। प्रशिक्षण का कार्य केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।