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गांव वाले शहर में नहीं कर सकेंगे विसर्जन

Mon, 10 Oct 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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विसर्जन की तैयारी
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इलाहाबाद। गांव वाले शहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन नहीं कर सकेंगे। डीएम संजय कुमार ने आदेश जारी किए हैं कि तहसीलों में तालाब तैयार कर लिए गए हैं। दुर्गा पूजा कमेटियां संबंधित तहसील में ही प्रतिमा विसर्जन करेंगी। शहर में प्रतिमा विसर्जन संगम के निकट बनाए गए तालाब में होगा। इस तालाब को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। मौसम के बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर तालाब के पास वाटरप्रूफ पंडाला भी बनाया जा रहा है। रविवार को डीएम ने तालाब का निरीक्षण कर अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जल निगम के एक अभियंता के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण देते हुए चेतावनी जारी की।
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प्रतिमा विसर्जन के लिए मेजा तहसील में 232 तालाब, करछना में 229, बारा में 233, सदर में 92, कोरांव में 201, सोरांव में 243, हंडिया में 173 और फूलपुर में 94 तालाब तैयार कर लिए गए हैं। साथ ही संगम के निकट भी बड़ा तालाब बनाया गया है, जहां विसर्जन होगा। गंगा-यमुना में विसर्जन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। डीएम संजय कुमार ने रविवार को संगम के पास बने तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान जल निगम के अभियंता अवनीश सिंह अनुपस्थित थे। बताया गया कि वह जनपद से बाहर हैं। इस पर डीएम ने कहा कि दुर्गापूजा, दशहरा के मद्देनजर सभी की छुट्टियां हैं। डीएम ने अभियंता को स्पष्टीकरण देते हुए चेतावनी जारी की।
डीएम ने निर्देश दिए कि तालाब में शुद्ध जल भरा जाए। चारों ओर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। तालाब के किनारे गंदगी देख डीएम अपर नगर आयुक्त पर नाराज हुए और सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि विसर्जन के दौरान वहां बराबर सफाई होती रहे और मूर्तियां निकाली जाती रहें ताकि तालाब पर ज्यारा भीड़ न हो और किसी को विसर्जन के लिए इंतजार न करना पड़े। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमित रूप से पानी की जांच करते रहने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रतिमा विसर्जन करने वालों से अपील की कि निर्धारित समय सीमा में ही विसर्जन करें। जल पुलिस प्रभारी को निर्देश दिए कि विसर्जन के दौरान पर्याप्त संख्या में जल पुलिस, रस्सी, टार्च, लाइफ जैकेट, मोटर बोट और गोताखोर रखें। मुहर्रम और दशहरा साथ-साथ पड़ने पर ताजियादारों की ओर से ताजिया न उठाए जाने के निर्णय की जिलाधिकारी ने सराहना करते हुए कहा कि इलाहाबाद में गंगा-जमुनी तहजीब की यह अनूठी मिसाल है। 
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