फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शारदा सहायक नहर में आई डाल्फिन को ग्रामीणों ने पीटकर मार डाला

Thu, 31 Dec 2020 08:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
विज्ञापन
pratapgarh news : प्रतापगढ़ में ग्रामीणों ने डॉल्फिन मछली को पीट-पीट कर मार डाला। - फोटो : prayagraj
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को शारदा सहायक नहर में दिखी डाल्फिन को ग्रामीणों ने पीटकर मार डाला। मामले की जानकारी होने पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मछली को नहर से बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने उसका पंचनामा कर वन विभाग को सौंप दिया। हालांकि वन विभाग द्वारा डाल्फिन होने की पुष्टि नहीं की गई है। 

विज्ञापन


नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोथरिया गांव के पास से गुजरी शारदा सहायक नहर का पानी बुधवार को बंद कर दिया गया था। इसके चलते नहर में पानी कम हो गया था। सुबह ग्रामीणों ने नहर में एक बड़ी मछली घूम रही थी। मछली के आकार को देखकर लोगों में उत्सुकता जगी। खबर फैलने पर लोगों की भीड़ जुटती गई। ग्रामीण उसे डाल्फिन बता रहे थे। साथ ही लोगों के लिए उसे खतरनाक बताया। इस बात का इतना असर हुआ कि लोगों की ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। नहर में पानी कम होने के चलते डाल्फिन वहां से जा नहीं सकी।

बाद में इसकी जानकारी वन विभाग को हुई तो रेंजर सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी आ गई। पुलिस ने संरक्षित मछली मानते हुए उसका पंचनामा करना शुरू किया तो वन विभाग ने पशु अस्पताल के चिकित्सक को बुलाकर उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन विभाग की टीम उसे दफनाने की तैयारी कर रही थी। वन रेंजर आरके सिंह ने बताया कि मछली की फोटो लखनऊ वेरीफिकेशन के लिए भेजी गई है। सुबह उसके डाल्फिन होने की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि पीटकर मारने की बात गलत है। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वन विभाग जो तहरीर देगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

pratapgarh news : प्रतापगढ़ में ग्रामीणों ने डॉल्फिन मछली को पीट-पीट कर मार डाला। - फोटो : pratapgarh news

संरक्षित मछली होने के चलते एहतियात बरत रहे हैं विभागीय लोग

शारदा सहायक नहर में डाल्फिन के आने से तो यह सिद्ध हो गया कि गंगा में डाल्फिन मछलियां हैं। शारदा सहायक नहर के बड़ी होने के चलते करीब एक क्विंटल वजन की यह मछली इसमें आ गई। पहले तो ग्रामीण उत्सुकता में इसे देखते रहे, लेकिन बाद में उसका लंबा मुंह और खतरनाक दांत देखकर डर गए। यही कारण था कि  उसे पीटकर मार दिया गया।

दशकों पहले गंगा में डाल्फिन मछलियों की संख्या अधिक थी। गांव में इस मछली को सुइस कहा जाता था। मुंह लंबा होने के चलते इसकी तुलना मवेशियों से की जाती थी। इसे पानी में पलटियां खाते देखकर लोग पहले डरते थे। हालांकि जागरूक लोग इसे बेहतर जानते हैं कि वह लोगों के नजदीक रहना चाहती हैं, पर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचातीं। बावजूद इसके ग्रामीण इसके मुंह को देखकर इससे भय खाते रहे हैं। कुछ ऐसा ही नवाबगंज के कोथरिया गांव में हुआ। मछली को तो पहले लोग देखने पहुंचते रहे, लेकिन बाद में उसे नुकसान पहुंचाने की बात कहते हुए खतरनाक बताया।

इसका असर हुआ कि लोगों ने उसे मार दिया। सार्वजनिक रूप से हुई इस घटना के चलते विभागीय लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर पाए। फिलहाल मछली का फोटो लखनऊ भेज दिया गया है। वहां से इसके डाल्फिन होने की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विभागीय लोगों ने पहले ही यह तय कर लिया है कि उन्हें पानी कम होने के कारण इसकी मौत की वजह बतानी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें