शहीद दरोगा के पिता कालिका प्रसाद ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश प्रशासन को धन्यवाद करता हूं। मैं आज खुश हूं। आज मुझे गर्व है कि मेरे बेटे की शहादत खाली नहीं गई। सरकार की कार्यशैली से काफी संतोष मिला की मेरे बेटे के हत्यारा को खोजकर उसे उसके किए की सजा तो मिल गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरे लाल के हत्यारे विकास दुबे के साथ.साथ उनसे मिली भगत करने वाले सभी को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए।
चाहे खाकी हो या खादी मेरे बेटे के हत्यारे का साथ देने वाले लोगों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए। शहीद दरोगा के दूसरे नंबर का बेटा हिमांशु बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसने कहा कि विकास दुबे का एनकाउंटर होने पर मेरे परिवार को काफी शांति मिली है। शहीद दरोगा नेब्बूलाल के दो बेटा व दो बेटी हैं, जिसमें बड़ी लड़की सुनीता की शादी हो चुकी है।
बड़ा बेटा अरविंद कुमार व छोटा बेटा हिमांशु, बेटी सुनीता तथा मधुबाला है। वही शहीद दरोगा नेब्बू लाल की पत्नी श्यामा देवी को रोने के सिवा और कुछ भी नहीं सुझ रहा था। वह सिर्फ इतना ही कह पाईं की मेरे पति का हत्यारा सिर्फ विकास दुबे ही नहीं बल्कि उनसे मिले हुए और ना जाने कितने लोग हैं। उन सभी को सजा मिले तो मेरे स्वर्गवासी पति की आत्मा को शांति मिलेगी।