डिस्चार्ज अर्जी खारिज होने के बाद करना होगा ट्रायल का सामना
प्रयागराज। पूर्व सपा विधायक विजमा यादव की मुश्किलें बढ़ेंगी। शुक्रवार को स्पेशलकोर्ट एमपीएमएल द्वारा लूटपाट और आगजनी के मुकदमे में विजमा की डिस्चार्ज अर्जी खारिज होने के बाद अब उनके सहित अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद उनको मुकदमे के ट्रायल का सामना करना होगा। विजमा पर छतनाग (झूंसी)की पूर्व प्रधान शशि यादव के घर लूटपाट और आगजनी करने का मुकदमा दर्ज। इस मामले में आरोपों से उन्मोचित (डिस्चार्ज) करने की विजमा की अर्जी स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने शुक्रवार को खारिज कर दी है। प्रकरण में अभियुक्त दरोगा पद्माकर राय के लगातार गैरहाजिर रहने के कारण उनकी पत्रावली अलग कर दी गई है। कोर्ट ने अभियुक्तगणाें के खिलाफ आरोप तय किए जाने के लिए 20 सितंबर 2019 की तारीख नियत की है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना 29 और 30 जून 2005 की झूंसी थाने के उस्तापुर महमूदाबाद की है। वादिनी मुकदमा शशि यादव ने कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत अभियुक्तगणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी दी थी। कोर्ट ने अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया था। वादिनी और गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने अभियुक्त मूलचन्द्र यादव, विजमा यादव, राजू यादव, अशोक निषाद, लोहा सिंह, अमर सिंह ज्ञान चन्द्र, लाल चन्द्र, जबर सिंह, राजू पुत्र बनवारी और दरोगा पद्माकर राय को आगजनी, डकैती और हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में तलब किया था।
वादिनी ने कहा है कि छतनाग की पूर्व प्रधान शशि यादव के छतनाग स्थित मकान पर 29 जून 2005 को कुछ लोगों ने हमला कर तोड़फोड़ और लूट के बाद आगजनी कर दी थी। उसी दिन सुबह उसके गांव के मोहन लाल यादव की हत्या कर दी गई थी। इस घटना से उत्तेजित होकर मोहन लाल के भाई मूलचंद के साथ दस बारह अन्य लोग आए और उसके छतनाग वाले मकान में घुस मारना पीटना शुरू कर दिया। आरोप है विजमा यादव के उकसाने और ललकारने पर अभियुक्तगणों ने घर में रखे जेवरात, उसके पति और देवर की रायफल आदि लूट ले गए और घर में आग लगा दी थी। घटना के दूसरे दिन उसके उस्तापुर वाले मकान में घुस कर अभियुक्तों ने लूटपाट, आगजनी, मारपीट की और फायरिंग कर हत्या करने का प्रयास किया था।