मतगणना और होली में सिर्फ दो दिनों का अंतर होने से प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने की चुनौती बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस बार होली पर संवदेनशील क्षेत्रों की निगरानी वीडियो कैमरे से भी कराई जाएगी। अगर किसी ने व्हाट्स ऐप, फेसबुक या सोशल मीडिया के किसी दूसरे माध्यम से अफवाह फैलाने की कोशिश की तो प्रशासन उनके खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज कराएगा।
होली के मद्देनजर डीएम संजय कुमार और एसएसपी शलभ माथुर ने मंगलवार को सभी संबंधित अफसरों के साथ बैठक की। साथ ही थानाध्यक्षों और तहसीलदारों से होलिका दहन स्थल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि मतगणना के दिन कोई भी प्रत्यशी किसी भी तरह का जुलूस नहीं निकालेगा। कहा कि संबंधित थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि विजेता प्रत्याशियों को उनके आवास तक पहुंचवा दें। होली पर शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम बनाए जाने का भी निर्देश दिया गया। कंट्रोल रूम में प्रशासन और पुलिस के साथ विद्युत, जल निगम, जल संस्थान, नगर निगम के नोडल अधिकारी भी बैठेंगे।
डीएम ने विद्युत विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि होलिका दहन स्थलों पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए जाएं ताकि विद्युत तारों और ट्रांसफार्मरों को कोई नुकसान न पहुंचे। सीएमओ से कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की टीम मौजूद रहे और प्रमुख सड़कों पर एंबुलेंस के साथ चिकित्सक की तैनाती रहे। एसएसपी शलभ माथुर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि 11 से 15 मार्च तक विशेष सतर्कता बरती जाए और उन स्थानों को पहले से चिह्नित कर सुरक्षा बढ़ा दी जाए, जहां गड़बड़ी की आशंका हो। साथ ही रेलवे, सराय, धर्मशाला और होटलों को भी अलर्ट करते हुए निगरानी रखी जाए। शराबियों पर खास नजर रखी जाए।