फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टरों के साथ रैगिंग का वीडियो वायरल, कॉलेज प्रशासन ने किया इनकार

Fri, 08 May 2026 12:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

MLN Medical College Prayagraj : मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से जुड़ा एक वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। 58 सेकंड के वीडियो में जूनियर महिला डॉक्टरों के साथ रैगिंग और उत्पीड़न की बात सामने आ रही है।
विज्ञापन
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से जुड़ा एक वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। 58 सेकंड के वीडियो में जूनियर महिला डॉक्टरों के साथ रैगिंग और उत्पीड़न की बात सामने आ रही है। दूसरी तरफ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने ऐसी किसी भी प्रकार की जानकारी और शिकायत मिलने की बात से साफ इन्कार किया है। अमर उजाला इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन


वीडियो में कुछ छात्राएं दिखाई दे रही हैं। कथित तौर पर जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में दो सीनियर छात्राएं और कई जूनियर छात्राएं नजर आ रही हैं। वीडियो बनाने वाली छात्रा का चेहरा दिखाई नहीं देता लेकिन उसकी आवाज साफ सुनाई पड़ती है। वह कहती है कि उसने यह वीडियो इसलिए बनाया है ताकि उसके पास इस बात का सबूत रहे कि उसके साथ मारपीट की गई है।

वीडियो में सामने खड़ी दो छात्राएं भी मोबाइल से रिकॉर्डिंग करती दिखाई देती हैं। वीडियो में कुछ दूरी पर करीब 11 जूनियर छात्राएं सिर झुकाकर खड़ी नजर आती हैं। वीडियो के साथ वायरल किए जा रहे दावों में आरोप लगाया गया है कि मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टरों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि रात में उनके मोबाइल फोन छीन लिए जाते हैं ताकि वे किसी से शिकायत न कर सकें।

विज्ञापन

यह भी दावा किया गया है कि छात्राओं के साथ मारपीट की जाती है और विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। कथित तौर पर दावा किया गया है कि एक जूनियर छात्रा के साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसने चोरी छिपे यह वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और एंटी रैगिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

फर्स्ट ईयर बैच की परीक्षाएं तीन मई को ही समाप्त हुई हैं। ऐसे में रैगिंग जैसी बात बेबुनियाद है। वीडियो में सीनियर अपने जूनियर को फाइल तैयार करने के लिए कह रहे हैं। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मैंने वार्डन से रिपोर्ट मांगी है। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन

पहले भी मिल चुकी हैं रैगिंग की शिकायतें
2024 में भी कॉलेज हॉस्टल में रैगिंग और अभद्रता की शिकायत के बाद चार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें हॉस्टल से बाहर किया गया और कमरों पर ताला लगाया गया था। इससे पहले 2018 में भी प्रथम वर्ष के छात्रों के सिर मुंडवाने, लाइन में चलाने और मारपीट जैसे आरोप सामने आए थे, जिसके बाद प्रशासनिक जांच कराई गई थी। भारत में रैगिंग कानूनन अपराध है। मेडिकल कॉलेजों में एंटी-रैगिंग कमेटी, हेल्पलाइन और शिकायत प्रणाली अनिवार्य होती है। किसी भी छात्र को ऐसी स्थिति में कॉलेज प्रशासन, विश्वविद्यालय या राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें