यह भी दावा किया गया है कि छात्राओं के साथ मारपीट की जाती है और विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। कथित तौर पर दावा किया गया है कि एक जूनियर छात्रा के साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसने चोरी छिपे यह वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और एंटी रैगिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
फर्स्ट ईयर बैच की परीक्षाएं तीन मई को ही समाप्त हुई हैं। ऐसे में रैगिंग जैसी बात बेबुनियाद है। वीडियो में सीनियर अपने जूनियर को फाइल तैयार करने के लिए कह रहे हैं। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मैंने वार्डन से रिपोर्ट मांगी है। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज
पहले भी मिल चुकी हैं रैगिंग की शिकायतें
2024 में भी कॉलेज हॉस्टल में रैगिंग और अभद्रता की शिकायत के बाद चार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें हॉस्टल से बाहर किया गया और कमरों पर ताला लगाया गया था। इससे पहले 2018 में भी प्रथम वर्ष के छात्रों के सिर मुंडवाने, लाइन में चलाने और मारपीट जैसे आरोप सामने आए थे, जिसके बाद प्रशासनिक जांच कराई गई थी। भारत में रैगिंग कानूनन अपराध है। मेडिकल कॉलेजों में एंटी-रैगिंग कमेटी, हेल्पलाइन और शिकायत प्रणाली अनिवार्य होती है। किसी भी छात्र को ऐसी स्थिति में कॉलेज प्रशासन, विश्वविद्यालय या राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।