स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने पूर्व सांसद अतीक अहमद के मुकदमों में गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराए जाने तथा अदालत में तलब नहीं करने की अर्जी को मंजूर कर लिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ बालमुकुंद ने अतीक अहमद की ओर से उनके अधिवक्ता खान शौलत , खान फरहत तथा राधेश्याम पांडे व शासन की ओर से डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी , विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार सिंह तथा एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुन कर दिया है।
पूर्व सांसद अतीक अहमद के अधिवक्ताओं की ओर से धूमनगंज में दर्ज जानलेवा हमले के एक सत्र विचारण के मुकदमे में स्पेशल कोर्ट के सामने अर्जी देकर कहा है कि उन्हें कोर्ट में साबरमती गुजरात जेल से तलब न किया जाए गवाही की कार्यवाही में उनकी उपस्थिति वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की जाए।
सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि मुकदमे में गवाही दर्ज होनी है। अभियुक्त के स्वास्थ्य और सुरक्षा का खतरा बताया गया है और कोरोना महामारी के कारण मास्क एवं सामाजिक दूरी भी बनाए रखनी है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि इस अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है परंतु इस मुकदमे की कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराए जाने की अपेक्षा सुप्रीम कोर्ट ने की है इसलिए इस अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए जिला जज को पत्र लिखा जाए और गवाह को तलब किया जाए।