अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तारीख तय होने के बाद विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें वर्षों से इस दिन का इंतजार था।
स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब देश के प्रधानमंत्री किसी मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन करने जाएंगे। इस ऐतिहिसिक अवसर पर विहिप के साथ समाज के सभी लोग पांच अगस्त को दिवाली मनाएंगे।
शनिवार को अयोध्या में हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की बैठक में मंदिर निर्माण के भूमिपूजन में पीएम मोदी को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही भूमि पूजन तीन या पांच अगस्त को कराने की बात कही गई थी।
अगले दिन रविवार दोपहर में तय हो गया कि पीएम पांच अगस्त को भूमि पूजन के लिए आएंगे। यह सूचना मिलने के बाद ही विहिप ने तय किया कि पांच अगस्त की शाम को सभी मंदिरों में घंटा, घड़ियाल के साथ पूजन किया जाए।
साथ ही समाज का हर व्यक्ति अपने घर में कम से कम एक दीया जरूर जलाए। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार कहते हैं, बुधवार, पांच अगस्त का दिन स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा।
यह एक विशेष दिन है क्योंकि इसी दिन से करोड़ों भक्तों के आराध्य भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण की शुरुआत होगी। खास बात यह भी होगी कि मंदिर के भूमि पूजन में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
यह सभी के लिए गर्व की बात है। ऐसे में विहिप की ओर से देश भर में पांच अगस्त को दिवाली मनाने की तैयारी है। सभी शहरों, कस्बों एवं गांवों में स्थित विहिप कार्यालय को दीपों की रोशनी से जगमगाया जाएगा। संगठन की सभी से अपील है कि वे अपने घरों में दीया जरूर जलाएं।