इलाहाबाद, 8 अक्तूबर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का बृहस्पतिवार को इलाहाबाद में पहला मंडलीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में काफी गहमागहमी का माहौल रहा। अल्पसंख्यक विभाग के सम्मेलन में आए तमाम कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं को अल्पसंख्यकों की अनदेखी के मुद्दे पर ही घेर लिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी के प्रमुख पदों से अल्पसंख्यकों को दूर रखा जाता है। ऐसे में अल्पसंख्यक पार्टी से कैसे जुड़ेंगे। इस मुद्दे पर काफी शोरशराबा भी हुआ। बड़े नेताओं ने जब आश्वासन दिया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तो कार्यकर्ता शांत हुए।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मधुसूदन मिस्त्री ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी मां एवं पत्नी का नहीं हो सका, वह देश का क्या होगा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने संप्रदाय की खाई से दूर रहकर देश की तरक्की के बारे में सोचने पर जोर दिया और इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना भी साधा। वहीं, पार्टी प्रवक्ता एवं विधायक डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने एकलाख का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सपा सरकार के शासनकाल में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं।
कार्यक्रम के अंत में अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद खुर्शीद ने बोलना शुरू किया तो तमाम कार्यकर्ता उठकर भोजने करने चले गए। इस पर अध्यक्ष नाराज हुए और उन्होंने बीच में ही भाषण रोक दिया। कार्यक्रम के दौरान लेखक एवं आलोचक एसआर फारुकी एवं उपन्यासकार मुजाविर हुसैन रिजवी को सम्मानित भी किया गया। साथ ही डिजिटल डिस्प्ले के जरिये कार्यकर्ताओं को इलाहाबाद में कांग्रेस के इतिहास से परिचित कराया गया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन हाजी सिराज मेहदी, विधान परिषद में नेता विपक्ष नसीब पठान, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जावेद उर्फी, संयोजक नसीम सिद्दीकी, पार्टी नेता शेखर बहुुगुणा, चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, अभय अवस्थी, तसलीमउद्दीन, उपेंद्र सिंह, हलीम अंसारी, रजिया सुल्तान, परवेज अंसारी, अभिषेक शुक्ला, निशांत त्रिपाठी, जुबैर अहमद, दानिश अंजुम आदि मौजूद रहे।