प्रेरणा पोर्टल पर 65 फीसदी से अधिक छात्र का सत्यापन लंबित है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग ने अध्यापकों को शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
जिले में 297885 छात्रों के सापेक्ष अब तक केवल 99928 छात्रों का ही सत्यापन हो सका है, जबकि 2101 छात्रों को डिलीट किया गया है। इसके बावजूद 195856 छात्र अब भी शिक्षकों के स्तर पर लंबित हैं। सत्यापन की प्रगति 34.25 प्रतिशत ही है। वहीं 65.75 प्रतिशत कार्य अभी बाकी है।
नगर क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक है, जहां 20343 छात्रों में से मात्र 1896 का सत्यापन हुआ है। करीब 90 प्रतिशत कार्य लंबित है। कोरांव में 24147 छात्रों में से 15.77 प्रतिशत सत्यापन हुआ है। 84.23 प्रतिशत छात्र लंबित है।
उरुवा में 22.88 प्रतिशत, मऊआइमा में 25.01 प्रतिशत और चाका में 27.58 प्रतिशत सत्यापन ही हो पाया है। जसरा, कौंधियारा, शंकरगढ़, करछना और बहरिया जैसे ब्लॉकों में भी सत्यापन की दर 30 से 32 प्रतिशत के बीच ही है।
वहीं, फूलपुर में 55.34 प्रतिशत, कौड़िहार में 54.61 प्रतिशत और हंडिया में 48.20 प्रतिशत सत्यापन कार्य हो चुका है। अधिकांश ब्लॉकों में आधे से ज्यादा छात्र सत्यापन की प्रक्रिया से बाहर हैं।