क्षमता से कम बेड का इस्तेमाल
एनेस्थीसिया आईसीयू में 20 की जगह 15 और सर्जरी में 10 की जगह सात बेड का ही इस्तेमाल किया जाता है। बाकी अन्य विभागों में आईसीयू बेड पर वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं रहते हैं।
वेंटिलेटरों की सीएमसी नहीं
कोरोना संक्रमण के दौरान भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड ने पीएम केयर फंड के वेंटिलेटर अस्पताल भेजे थे। इन वेटिलेटरों की कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस सर्विस (सीएमसी) नहीं है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने 2024 में खुद के फंड से वेंटिलेटरों की सर्विस कराई बावजूद इसके वेंटिलेटरों को अस्पताल के कोने-कोने में छुपा दिया गया।
नहीं मिला वेंटिलेटर
कुंडा लालगोपालगंज निवासी सुदीप चतुर्वेदी के बड़े भाई विनोद चतुर्वेदी (53) की 20 सितंबर को अचानक तबियत बिगड़ गई। उन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया। उन्हें तुरंत वेंटिलेटर पर रखने की आवश्यकता थी मगर आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं होने से परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए।
24 घंटे अंबू बैग पर मरीज
21 सितंबर को सिविल लाइंस के 55 वर्षीय मरीज को आईसीयू मेडिसिन में 24 घंटे तक वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं होने की वजह से अंबू बैग पर रखा गया। हालत स्थिर होने पर परिजन मरीज को ले गए।
पीएम केयर फंड के वेंटिलेटरों में कंप्रेसर व अन्य प्रकार की समस्या समय-समय पर आती है। इसे ठीक कराया जा रहा है। जो वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे हैं उन्हें कुछ ही दिनों में काम में लाया जाएगा। सभी विभागों को आईसीयू बेडों पर वेंटिलेटर की उपलब्धता के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। शौचालय में वेंटिलेटर रखे होने की बात मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो वार्ड की सिस्टर इंचार्ज पर कार्रवाई होगी। - डॉ. जितेंद्र शुक्ला, नोडल, आईसीयू, एसआरएन अस्पताल