सीएम के आदेश बावजूद नहीं रुकी संगम पर अवैध वसूली
पार्किंग शुल्क के नाम पर चल रहा है वसूली का खेल
श्रद्धालुओं से वसूला जाता रहा मनमाना किराया
सूर्य प्रकाश त्रिपाठी
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद शनिवार को संगम क्षेत्र में अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी रहा। निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर धड़ल्ले से मनमाने शुक्ल की पर्चियां काटी जाती रहीं। यह हाल तब है जब एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से इस संबंध में पूछताछ की थी। साथ ही कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रदेश ही नहीं, देश में भी कहीं इतना महंगा वाहन स्टैंड चार्ज नहीं वसूला जाता।
संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से वसूली का खेल बहुत पुराना है। यहां जीटी जवाहर चौराहे से जैसे ही श्रद्धालुओं के वाहन परेड में प्रवेश करते हैं, वैसे ही वाहन स्टैंड वसूली करने वालों का गिरोह सक्रिय हो जाता है। कहने को तो यहां पर सुबह 08.00 से शाम 05.00 बजे तक संगम क्षेत्र में आने वाले वाहनों से वाहन स्टैंड शुल्क वसूला जाता है लेकिन यह प्रक्रिया 24 घंटे चलती है। मेला क्षेत्र में आने वाले वाहन चालकों का कहना है कि रात में तो कार वालों और आटों वालों से ही 70 रुपए और बस वालों से 300 रुपए वसूल लिए जाते हैं। अगर किसी ने विरोध करने का दुस्साहस किया तो वसूली करने वाले गिरोह के गुंडे उसके साथ किसी भी हद तक मारपीट करने को तैयार रहते हैं। वसूली को लेकर अक्सर किचकिच भी होती है। हैरानी की बात यह है कि इलाकाई पुलिस सिर्फ और सिर्फ मूकदर्शक बनी रहती है। जिसकी वजह वसूली से होने वाली आय में प्रर्याप्त मात्रा में पुलिस को हिस्सा मिलना बताया जा रहा है।
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संगम क्षेत्र के ये है प्रमुख वसूली प्वाइंट
1-बंधवा के लेटे हनुमान मंदिर के साम ने।
2- काली सड़क के पास रामघाट के पास।
3- दारागंज शवदाह गृह के पास।
4- परेड में पीएसी कैंप के समीप पीपल के पेड़ के नीचे।
5- परेड में किला गेट के पास वाले चौराहे के समीप।
6- जीटी जवाहर चौराहे के समीप।
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संगम क्षेत्र में वाहन शुल्क वसूली का निर्धारित रेट व वसूला जाने वाला रेट
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वाहन निर्धारित रेट वसूला जाने वाला रेट
साइकिल 05 05
स्कूटर/बाइक 10 10
क ार, जीप, मोटर वैन, लाइट 30 60
बस, ट्रैक्टर और ट्राली 200 300
मिनी बस/मिनी ट्रक 100 150 से 200
ईरिक्शा 20 30
तांगा 10 20
थ्री व्हीलर 20 30 से 40
टैक्सी 40 70
नोट: वाहन शुल्क वसूली का रेट संगम क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहन चालकों के मुताबिक
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परेड से ही शुरू हो जाती है वसूली, गुंडे रखते हैं दो रसीद बुक
नैनी (ब्यूरो)। लोगों ने बताया कि कैंटोमेंट बोर्ड की ओर से बांध से संगम क्षेत्र में वाहन शुल्क का टेंडर दिया जाता है, लेकिन ठेकेदार की दबंगई और स्थानीय गुंडों के वर्चस्व की वजह से वाहन शुल्क वसूली का दायरा बांध के इस पार पूरे परेड क्षेत्र तक में छा गया है। जीटी जवाहर चौराहे से ही वाहन शुल्क वसूली का खेल शुरू हो जाता है। इसमें तो फर्जी और साल, दो साल पुरानी रसीद भी प्रयोग की जाती हैं। यहां शुल्क रसीद कटती हैं। एक तो कैंटोमेंट बोर्ड की तरफ से जो रेट तय किया गया है और दूसरा जो ठेकेदार और उसके गुंडे अपनी गुंडई के बल पर वसूलते हैं। पूरा खेल पुलिस प्रशासनिक महकमे को भलीभांति पता है।
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कैंटोमेंट बोर्ड ने साल भर में दे रखा है 65 लाख का ठेका
नैनी (ब्यूरो)। वर्तमान में इस क्षेत्र में वसूली कराने वाले ठेकेदार सचिन मिश्रा का कहना हैकि कैंटोंमेंट बोर्ड की ओर से उन्हें 12 महीने का ठेका दिया गया है। जिसकी मियाद 09 जुलाई 2018 से 08 जुलाई 2019 तक है। इसके लिए 65 लाख 11 हजार 151 रुपए का टेंडर है।
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तीन महीने और ठेका बढ़ाने की मांग कर रहा ठेकेदार
नैनी (ब्यूरो)। ठेकेदार सचिन मिश्रा और उनके साथी विपिन तिवारी ने बताया कि उन्हें 12 महीने का ठेका मिला था लेकिन 01 दिसंबर 2018 से 15 मार्च 2019 में तक प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अपने कब्जे में ले लिया था। जिसकी वजह से 105 दिन तक मेला क्षेत्र में वसूली नहीं कर पाए थे। जिसकी वजह से उनका नुकसान हो रहा है। उसकी क्षतिपूर्ति के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण और कैंटोमेंट बोर्ड से तीन महीने का ठेका बढ़ाने के लिए गुजारिश की है। अगर आठ जुलाई के पहले नहीं बढ़ाया गया तो हम टेंडर में अंकित मानक के मुताबिक कोर्ट में जाने को विवश होंगे। इस हिसाब से ये ठेका 08 अक्टूबर तक के लिए बढ़ जाएगा।
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ठेकेदारी को लेकर दो गुटों में है वर्चस्व की जंग
नै नी (ब्यूरो)। कैंटोमेंट बोर्ड की तरफ से बंधवा के लेटे हनुमान मंदिर के सामने से वाहन पार्किंग का ठेका इस वर्ष अलोपीबाग के रहने वाले सचिन मिश्रा को दे रखा है। इससे पहले यह ठेका वर्ष 2017-2018 का ठेका आदित्य पांडेय के पास और उससे पहले 2016-17 का ठेका विपिन तिवारी के पास था। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां गुटबंदी चल रही है। सचिन मिश्रा और विपिन तिवारी एक गुटे के हैं जबकि आदित्य पांडेय, कैंटोमेंट बोर्ड के पार्षद व दारागंज थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरू सोनकर उर्फ अरुण सोनकर के गुट के हैं। दोनों पक्ष यहां वसूली के लिए एक दूसरे पर आरोप मढ़ते आ रहे हैं।
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ठेकेदार ने हिस्ट्रीशीटर पार्षद पर लगाया वसूली का आरोप
नैनी (ब्यूरो)। शनिवार को वाहन शुल्क वसूली के मुद्दे को लेकर एडीएम सिटी ने ठेकेदार सचिन मिश्रा को बुलाकर पूछताछ की है। ठेकेदार सचिन मिश्रा का कहना है कि उन्होंने जो टेंडर लिया है, उसके सारे कागजात उन्हें दिखा दिए। एडीएम सिटी ने निर्धारित रेट से ज्यादा शुल्क वसूली के बारे में कहा तो सचिन मिश्रा ने आरोप लगाया कि हिस्ट्रीशीटर वीरू सोनकर खुद अपराधी है। उस पर कई मुकदमे हैं। उसी के गुंडे अवैध वसूली करते हैं।
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