प्रयागराज मंडल के किसानों की उपज अब देश ही नहीं, बल्कि विदेश के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है। तीन वर्षों में मंडल से कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात से करीब 112 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
प्रतापगढ़, कौशाम्बी, प्रयागराज और फतेहपुर के किसानों ने तीन वर्षों में मंडल से 1129.28 टन फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों का निर्यात किया। अब कनाडा, दुबई, ओमान, शारजाह, नेपाल, बांग्लादेश और यूके में मंडल के फल, सब्जियों और प्रसंस्कृत उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
सबसे अधिक निर्यात प्रयागराज से हुआ जबकि प्रतापगढ़ के आंवला और उससे बने उत्पाद विदेशी बाजार में ब्रांड बन चुके हैं। प्रयागराज की भिंडी दुबई और शारजाह के बाजारों में पसंद की जा रही है। फतेहपुर की मूंगफली बांग्लादेश में अच्छी कीमत दिला रही है।
प्रयागराज मंडल के सहायक कृषि विपणन अधिकारी दिनेश चंद्र बताते हैं कि मंडल के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को विदेश में लगातार पहचान मिल रही है। सरकार की कृषि निर्यात नीति के तहत किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को आकर्षक अनुदान दिया जा रहा है। किसान वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन कर और विभाग से जुड़कर उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
विदेश भेजिए सब्जियां, सरकार दे रही 50% तक सब्सिडी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को अब 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। 50 से 100 हेक्टेयर के कृषि निर्यात क्लस्टर विकसित करने पर छह लाख रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा। पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुधार पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये, जबकि निर्यात अवसंरचना के विकास के लिए 25 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी। एमआरएल व रेसिड्यू परीक्षण, जीएपी और जैविक प्रमाणन पर भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विद्यार्थियों के विदेश प्रशिक्षण और निर्यात आधारित अनुसंधान को भी वित्तीय सहायता दी जाएगी। सहायक कृषि विपणन अधिकारी दिनेश चंद्र ने किसानों और एफपीओ से विभाग से संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपनी उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाकर अधिक लाभ अर्जित करने की अपील की है।