इलाहाबाद। एजी ऑफिस के पास सब्जी मंडी में सोमवार को छापा मारकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने सब्जियों के नौ नमूने जांच के लिए भेजे। साथ ही खाद्य लाइसेंस न होने पर आठ सब्जी विक्रेताओं को एक हफ्ते के भीतर लाइसेंस बनवाने के लिए नोटिस जारी किया। विभाग के अफसरों को सब्जी में रंग एवं हैवी मेटल्स मिले होने की आशंका है।
अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश राय, डॉ. तूलिका शर्मा और प्रदीप पटेल की टीम ने सोमवार शाम सब्जी मंडी में छापा मारा।
संजय सोनकर की जय मां शारदा फर्म से करेला, बीन्स एवं परवल, दिनेश कुमार की रिद्धी-सिद्धी फर्म से बैगन, शिमला मिर्च एवं भिंडी और बजेंद्र कुमार पाल की दुकान से करेला, परवल एवं बैगन का नमूना लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित विभाग की प्रयोगशाला में भेज दिया गया। इन तीनों के साथ पांच अन्य सब्जी विक्रेताओं के पास खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। इस पर विभाग ने सभी आठ विक्रेताओं को नोटिस जारी कर दिया और चेतावनी दी कि एक हफ्ते में लाइसेंस नहीं बनवाया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा, जिसमें उन्हें पांच लाख रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सब्जियों में रंग और लेड, क्रोमियम जैसे हैवी मेटल्स मिले होने की आशंका है, सो छापा मारकर सब्जियों के नमूने इकट्ठा किए गए। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।