रात में मीटिंग करने पर व जिले के 17 विकास खंडों के एडीओ पंचायत और वीडीओ की रात में मीटिंग लेना अफसरों के लिए भारी पड़ गया। रात सवा दस बजे मीटिंग खत्म होने पर वीडीओ हंगामा करते हुए प्रदर्शन करने लगे। डीपीआरओ के खिलाफ नारेबाजी करने वाले वीडीओ का कहना था कि रात में घर कैसे जाएं। घंटे भर चले बवाल के बाद डीपीआरओ ने कहा कि अब रात में कोई भी मीटिंग नहीं होगी।
डीएम ने जिले भर के बीडीओ, एडीओ पंचायत और वीडीओ की बैठक सोमवार की रात आठ बजे बुलाई थी। कुंडा, कालाकांकर, लालगंज और आसपुर देवसरा सहित जिले के 17 विकास खंडों से आने वाले कर्मचारियों की मीटिंग रात नौ बजे प्रारंभ हुई। सवा दस बजे मीटिंग खत्म होने के बाद महिला कर्मचारियों के साथ वीडीओ ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
बाहर कोहरा होने से रात में बाइक से जाने को वीडीओ तैयार नहीं थे। नाराज वीडीओ पहले तो सभागार में ही हंगामा करते रहे, फिर नीचे आए और डीपीआरओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। लगभग घंटे भर चले प्रदर्शन को देखकर अफसरों की सांसे ऊपर-नीचे होने लगी। अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस बुलाई गई।
इसके बाद भी वीडीओ का आक्रोश कम नहीं हुआ, तो डीपीआरओ लालजी दूबे पहुंचे और ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अफसरों को आश्वासन दिया कि अब रात में कभी भी मीटिंग नहीं होगी। डीपीआरओ के आश्वासन के बाद कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ।