सीमा अवस्थी। फाइल फोटो
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हादसे में जख्मी शिक्षिका का पैर काटने के बाद भी नहीं बची जान
करेली थाने के सामने डंपर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल स्कूटी सवार शिक्षिका ने रविवार दोपहर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले शनिवार की सुबह शिक्षिका के पति उसे रामबाग बस स्टैंड छोड़ने जा रहे थे। शिक्षिका जसरा ब्लाक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाती थीं।
विदित हो कि सीमा अवस्थी (40) करेली के बेनीगंज की रहने वाली थीं। पति शिवाकांत अवस्थी हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। उनका एक बेटा और एक बेटी है। पति ने बताया कि उनकी पत्नी जसरा ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यायल में पढ़ाती थीं। रोज की तरह शनिवार सुबह करीब आठ बजे वह अपनी पत्नी को स्कूटी से रामबाग बस स्टैंड छोड़ने जा रहे थे।
दोनों करेली थाने के पास पहुंचे ही थे तभी सामने से अनियंत्रित डंपर चालक ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे वह स्कूटी के साथ छिटककर पटरी पर जा गिरे और उनकी पत्नी डंपर के नीचे आ गई। आनन-फानन में घायल शिक्षिका को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में शिक्षिका का बायां पैर कुचल गया था। डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए शिक्षिका का पैर भी काट दिया, बावजूद इसके शिक्षिका की जान नहीं बचाई जा सकी।
बिना नंबर के सड़कों पर दौड़ा रहे डंपर
रविवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पति शिवाकांत ने कहा कि उनकी आंखों के सामने ही डंपर चालक ने पत्नी को राैंद दिया और वह कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, बालू खनन माफिया बेलगाम बिना नंबर प्लेट के 24 घंटे डंपर दौड़ा रहे हैं, लेकिन पुलिस अपनी आंखों पर पट्टी बांधी है। इनके लिए नो इंट्री का नियम लागू नहीं होता है। वहीं पति की तहरीर पर पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।