मंगलवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ वासंतिक नवरात्रि आरंभ होगा। अबकी किसी तिथि का क्षय नहीं है, ऐसे में पूरे नौ दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-उपासना की जाएगी। ब्रह्म मुहूर्त में ही कलश स्थापना कर दुर्गा शप्तसती और दुर्गा चालीसा के पाठ होंगे। निष्कुंभ योग और प्रीति योग में भगवती पूजी जाएंगी। शक्तिपीठों को नवरात्र में सजाया, संवारा गया है। प्रतिपदा पर घरों और शक्तिपीठों में घट स्थापना के साथ देवी की आराधना आरंभ होगी। शक्तिपीठों में कोविड गाइड लाइन के साथ ही पूजन-अर्चन की व्यवस्था की गई है। कलश, नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री की खरीद के लिए शक्तिपीठों के करीब सहित चौक व अन्य बाजारों में लोग जुटे। वहीं शक्तिपीठों में देर रात तक तैयारियां जारी रहीं।