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वसंत पंचमी पर गंगा तट पर उठीं आस्था की हिलोरें

Mon, 11 Feb 2019 12:56 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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dusra Shahi Snan
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वसंत पंचमी पर कालाकांकर और मानिकपुर के शहाबाद घाट पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इस दौरान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोगों ने मां सरस्वती का पूजन किया।  कालाकांकर गंगा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। घाट पर भारी भीड़ भोर से ही स्नान करने के लिए जुट गई। दोपहर 2 बजे तक स्नान करने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान करते रहे। इसके साथ ही वहीं पर पूजा पाठ भी किया। भारी भीड़ के आवागमन के चलते नवाबगंज पुलिस ने चार पहिया वाहनों को घाट के पहले ही रोक दिया था।
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इसके साथ ही जगह-जगह बैरियर व पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कालाकांकर गंगा घाट पर पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह तथा उनके कार्यकर्ता स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं की व्यवस्था देखते रहे। उधर मानिकपुर नगर के शाहाबाद गंगा घाट पर भी लोगों ने वसंत पंचमी के पावन अवसर पर गंगा स्नान किया। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों को दान किया। स्नान के लिए अमेठी, सांगीपुर, जायस, सलोन, लालगंज अझारा आदि जगहों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। पिछले एक वर्ष से अधिक से यह घाट निर्माणाधीन होने की वजह से बंद चल रहा था। इसे अब चालू कर दिया गया है।

वसंत पंचमी पर विद्यालय से स्कूली बच्चों द्वारा झांकी निकाली गई। इस दौरान बच्चों ने भारत माता, मां सरस्वती का वेश धारण किया। इसके साथ ही जगह-जगह उन पर फूलों की वर्षा की गई।  कस्बे के रेलवे स्टेशन के निकट स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में वसंत पंचमी पर मां सरस्वती के पूजन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य सुनील सिंह ने बच्चों को वसंत पंचमी के बारे में बताया। इसके बाद बच्चों ने कस्बे में झांकी निकाली। इसमें बच्चों ने मां सरस्वती, भारत माता सहित अन्य महापुरुषों की वेशभूषा धारण की। इस दौरान जगह-जगह उन पर फूल बरसाए और उनका स्वागत किया। इस दौरान व्यवस्थापक देवेशचंद्र त्रिपाठी, प्रधानाचार्य हरीबाबू, वीरेंद्र सिंह यादव, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।
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कुंभ स्नान के लिए रविवार की सुबह स्नानार्थियों की भीड़ स्टेशन और रोडवेज पर उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से ही प्रयागराज के लिए भक्तों की भीड़ वाहनों के तलाश में भटकती रही। सुबह प्रयागराज को जाने वाली सरयू एक्सप्रेस और मेला स्पेशल पर चढ़ने के लिए जमकर धक्का-मुक्की हुई। इधर शाम को कुंभ स्नान से लौटने वाली गाड़ियों के काफिले से शहर से चिलबिला तक लंबा जाम लगा रहा।  

बसंत पंचमी पर संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने वालों को रेला रविवार की सुबह रेलवे और बस स्टेशनों पर देखने को मिला। सुबह भीड़ का आलम यह रहा कि स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म पर पांव रखने की जगह नहीं थी। ट्रेन आते ही लोग चढ़ने के लिए दौड़ पड़ते थे। इससे ट्रेन से उतरने  वालों को मौका नहीं मिल रहा था, इससे नीचे खड़े लोग शोर मचाने लगे। हालांकि ट्रेन तब तक खड़ी रही, जब तक लोग बैठ नहीं गए। रोडवेज की बसों की कमी होने के कारण अधिकांश श्रद्धालु भगवाचुंगी पहुंचकर प्राइवेट वाहनों से कुंभ के लिए रवाना हुए। शाम को कुंभ से लौटने वाली गाड़ियों की भीड़ बढ़ी, तो पूरे शहर में जाम लग गया। चिलबिला तक लगे जाम में गाड़ियां रेंगते हुए निकलती रही।  

शहर के चिलबिला में आंवला उत्पाद की दुकानें सजी रहीं। कुंभ से लौटने वाले मुरब्बा, कैंडी, लड्डू के साथ ही मनपसंद सामग्री की खरीद करते रहे। इससे देर रात तक दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही।
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