सांसद वरुण गांधी इलाहाबाद पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सांसद वरुण गांधी ने देश की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था पर खासी निराशा व्यक्त की। कहा कि विकसित देशों के मुकाबले भारत की चिकित्सा व्यवस्था लचर है। प्रयाग संगीत समिति में आयोजित संगोष्ठी के माध्यम से उन्होंने मोदी सरकार से लोगों के लिए हेल्थ कानून बनाने की मांग की। कहा कि देश मेें ऐसा कानून बनना चाहिए जिसमें हर एक नागरिक का हेल्थ इंश्योरेंस हो। क्योंकि स्वस्थ भारत से ही देश आगे बढ़ेगा।
संगोष्ठी में वरुण ने कहा कि एक सर्वे की रिपोर्ट आई है कि महंगे इलाज के चक्कर में 62 फीसदी लोगों को मजबूरी में अपनी संपत्ति आदि बेचनी पड़ जाती है। मात्र 17 फीसदी लोगों के पास ही हेल्थ इंश्योरेंस है। वरुण गांधी ने बैंकों की लोन की प्रक्रिया पर भी कटाक्ष किया। कहा कि विजय माल्या जैसे उद्योगपति लोन लेकर देश से बाहर भाग जाते हैं और गरीबों को लोन चुकाने के लिए परेशान किया जाता है। वरुण ने बताया कि एक रिपोर्ट से मालूम पड़ा है कि 27 ऐसे लोग हैं जो माल्या की तरह तमाम बैंकों से लोन लेकर देश छोड़कर भाग गए हैं। इसमें से कुछ ने देश की नागरिकता तक भी छोड़ दी है।
ये इतने रुपये हैं कि अगर इसे उत्तर प्रदेश में लगा दिया जाएं तो यहां का कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा। वरुण ने इलाहाबाद को लेकर कहा कि वे सुल्तानपुर के सांसद है तो यहां के बेटे है। बातों ही बातों में उन्होंने कह दिया कि इलाहाबाद ने पांच-पांच प्रधानमंत्री दिए हैं। इसलिए यहां संभल कर बोलना होगा। इसके पूर्व मंच पर कार्यकर्ताओं की भीड़ को संभालने के लिए वरुण को खुद ही माइक संभालना पड़ा। हालांकि उनके कहने पर कार्यकर्ता मंच से उतर गए। कुर्सी खाली न होने की वजह से ढेरों कार्यकर्ता जमीन पर ही बैठ गए।