इलाहाबाद जंक्शन पर सोमवार की दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। यहां जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर छह से गुजर रही एक मालगाड़ी के वैगन का दरवाजा खुल जाने से 36 वाटर हाइड्रेंट पाइप (पानी के पाइप) उखड़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वहां ओएचई पोल भी टेढ़ा हो गया। गनीमत रही कि मालगाड़ी के वैगन का दरवाजा प्लेटफार्म नंबर छह की बजाय दूसरी तरफ से खुला था। नहीं तो वहां यात्रियों को भी इससे नुकसान पहुंच सकता था। इस दौरान 4.30 घंटे तक प्लेटफार्म नंबर छह पर ट्रेनों की आवाजाही ठप रही।
प्याज लदी एक मालगाड़ी कानपुर रूट से दिन में 12.35 बजे इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर छह से गुजर रही थी। येवला से फतुहा जा रही मालगाड़ी के कुछ वैगन प्लेटफार्म को भी पार कर चुके थे। इसी बीच तेज आवाज आनी शुरू हो गई। इससे पहले कोई अनहोनी होती संबंधित ट्रेन के गार्ड ने वॉकीटाकी के माध्यम से ड्राइवर को सूचित कर दिया। मालगाड़ी रुकी तो देखा गया कि उसके 19 वें वैगन का एक दरवाजा खुला हुआ था।
उसकी टक्कर से 36 पानी के पाइप लाइन उखड़ कर गिर गए। ओएचई वायर का एक खंभा भी टेढ़ा हो गया। सूचना मिलते ही डीसीएम पीके शर्मा, स्टेशन डायरेक्टर विदित तिवारी, स्टेशन प्रबंधक राजाराम राजपूत समेत कई अफसर मौके पर पहुुंच गए। कोई अनहोनी न हो इसके लिए लाइन नंबर सात और आठ पर भी रेल ट्रैफिक रोक दिया गया। इसके बाद वैगन के दरबाजे की मरम्मत की गई। इस दौरान काफी प्याज भी नीचे गिर गई। रेलकर्मियों ने प्याज एकत्रित कर दुबारा वैगन में लोड करवाई। इसके बाद शाम 5.05 बजे ही मालगाड़ी जंक्शन से रवाना की जा सकी। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर छह पर आने वाली कई ट्रेनें दूसरे प्लेटफार्म पर ली गई। इससे यात्रियों को भी असुविधा हुई।
मालगाड़ी के वैगन के खुले दरबाजे से 20 जून 2011 को अलीगढ़ स्टेशन पर पांच यात्रियों की मौत हो गई थी। तब अलीगढ़ स्टेशन से एक मालगाड़ी प्लेटफार्म नंबर दो से गुजर रही थी। उसके एक वैगन के दरवाजे की टक्कर से प्लेटफार्म पर बैठे पांच यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि आधा दर्जन यात्री घायल हुए थे। गनीमत रही कि इलाहाबाद में सोमवार को इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति नहीं हुई। यहां प्लेटफार्म के दूसरी ओर वैगन का दरवाजा खुला होने से कोई यात्री घायल नहीं हुआ।