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कम मुस्लिम आबादी होने से उर्दू अध्यापक को नहीं हटा सकते - हाईकोर्ट

Sun, 08 Aug 2021 12:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • हाईकोर्ट ने अपर सचिव बेसिक शिक्षा से मांगी सरकारी नीति
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पंथनिरपेक्ष राज्य में ऐसी नीति नहीं बन सकती कि मुस्लिम आबादी कम होने मात्र से उर्दू अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी जाए। कोर्ट ने कहा कि उर्दू एक भाषा है, वहां भी पढ़ाई जा सकती है जहां मुस्लिम आबादी बहुत कम हो। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने हनोवर की याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रथमदृष्टया किसी खास भाषा को किसी क्षेत्र से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।

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याची सनोवर उर्दू अध्यापक था। राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज में पढ़ाता था। मुस्लिम आबादी 20 फीसदी से कम होने के कारण उसे हटा दिया गया। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर सचिव को इस संबंध में जारी सरकारी नीति पेश करने का आदेश दिया है। याचिका की सुनवाई 16 अगस्त को होगी। 

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