परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे कैमरा युक्त स्मार्टफोन
प्रयागराज। इस बार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) कड़ी निगरानी होगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर वायस रिकार्डिंग और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। 22 दिसंबर को प्रस्तावित इस परीक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी डीएम-एसएसपी को दी गई है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि वायस रिकार्डिंग और सीसीटीवी कैमरे से युक्त विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र के साथ-साथ आवेदन में लगी फोटो, फोटो पहचान पत्र, प्रशिक्षण योग्यता का प्रमाण पत्र साथ लेकर आना होगा। इसके बिना प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही उन्हें सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ मोबाइल फोन अथवा अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर न आएं। सचिव की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट को भी अपने साथ कैमरा युक्त स्मार्ट फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। कक्ष निरीक्षक भी स्मार्ट फोन नहीं रख सकते हैं।
प्रयागराज में 140, लखनऊ में 86 केंद्रों पर यूपीटीईटी
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बताया कि यूपीटीईटी के लिए प्रदेश भर में 2076 केंद्र बनाए जाने की सूचना एनआईसी को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि टीईटी के लिए सबसे अधिक 140 केंद्र प्रयागराज में बनाए जाने की सिफारिश की गई जबकि लखनऊ में 86 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यूपीटीईटी में प्राथमिक में 1076336 और उच्च प्राथमिक में 569174 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। सचिव ने बताया कि 12 दिसंबर तक प्रवेश पत्र अपलोड कर दिए जाएंगे।
22 दिसंबर को परीक्षा दो पाली में होगी, पहली पाली 10 से 12.30 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा 2.30 से 5.00 बजे के बीच होगी। परीक्षा नियामक की ओर से 26 दिसंबर को उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। 30 दिसंबर तक ऑनलाइन आपत्ति लेने के बाद 13 जनवरी तक विशेषज्ञों की टीम आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद 16 जनवरी को संशोधित उत्तरकंजी जारी होगी। 21 जनवरी को परिणाम जारी किया जाएगा।