विश्वविद्यालय में पांच नवंबर को आयोजित 27वें स्थापना दिवस समारोह में भी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विवि के अफसरों से कहा कि महाकुंभ में विश्वविद्यालय भी अपना योगदान करे, हालांकि कुलपति प्रो. सत्यकाम के नेतृत्व में कुछ दिनों पहले ही महाकुंभ और गीता अध्ययन पर विशेष सर्टिफिकेट कोर्स कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय महाकुंभ और गीता अध्ययन पर पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा। सिलेबस बना लिया गया और अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। विवि की अगली एकेडमिक कौंसिल की बैठक में पाठ्यक्रम पर मुहर लगाई जाएगी।
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विश्वविद्यालय में पांच नवंबर को आयोजित 27वें स्थापना दिवस समारोह में भी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विवि के अफसरों से कहा कि महाकुंभ में विश्वविद्यालय भी अपना योगदान करे, हालांकि कुलपति प्रो. सत्यकाम के नेतृत्व में कुछ दिनों पहले ही महाकुंभ और गीता अध्ययन पर विशेष सर्टिफिकेट कोर्स कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया जा चुका है।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने बताया कि छह महीने का यह सर्टिफिकेट कोर्स जनवरी-2025 से शुरू होगा। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से शिक्षार्थियों को कुंभ के महात्म्य, भीड़ प्रबंधन, संस्कृति, लोक कथाओं आदि से जुड़े विभिन्न पहलुओं के अध्ययन का मौका मिलेगा। बहुत ही कम शुल्क पर इस सर्टिफिकेट कोर्स में दाखिले लिए जाएंगे। पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले शिक्षार्थियों को मुद्रित पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। पाठ्य सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। अभ्यर्थी अपने स्तर से प्रिंटआउट निकाल सकते हैं।
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अगर अभ्यर्थी अलग से मुद्रित पाठ्य सामग्री की मांग करते हैं तो अतिरिक्त शुल्क पर उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी। कुलपति ने बताया कि जनवरी में ही महाकुंभ प्रांरभ हो रहा है, ऐसे में पहले बैच में प्रवेश लेने वाले शिक्षार्थियों को प्रायोगिक तौर पर भी इसका लाभ मिलेगा।
पाठ्यक्रम को इस तरह से तैयार किया गया है, जो शिक्षार्थियों के रोजगार में सहायक हो। पाठ्यक्रम के जरिये पर्यटन और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में रोजगार के विशेष अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक, अध्यात्मिक और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना भी है। इसमें कुंभ के ऐतिहासिक और ऐतिहासिक महत्व के साथ शिक्षार्थियों को गीता के गूढ़ सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा।