संस्कृत में छह माह के प्रमाणपत्र कार्यक्रम में जनवरी-2023 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए तैयार किए गए प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ स्टडीज के समक्ष रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद पहले एकेडमिक कौंसिल और इसके बाद कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में जनवरी-2023 से संस्कृत में सर्टिफिकेट और आपदा प्रबंधन में सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा की पढ़ाई शुरू होगी। आपना प्रबंधन की पढ़ाई के लिए मुक्त विवि और उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच समझौता हो चुका है। वहीं, संस्कृत में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
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संस्कृत में छह माह के प्रमाणपत्र कार्यक्रम में जनवरी-2023 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए तैयार किए गए प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ स्टडीज के समक्ष रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद पहले एकेडमिक कौंसिल और इसके बाद कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सीमा सिंह के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी होने में दो माह का वक्त लगेगा। प्रयास यही है कि जनवरी-2023 से इसे लागू कर दिया जाए। प्रदेश भर से कोई भी शिक्षार्क्षी इस सर्टिफिकेट कार्यक्रम में प्रवेश ले सकेगा।
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वहीं, आपदा प्रबंधन के लिए मुक्त विवि और उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच समझौता होने के बाद इस विषय में छह माह का सर्टिफिकेट और वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस विषय में भी जनवरी-2023 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
पाठ्यक्रम बनाने में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम के शुरू होने से प्रदेश के सभी जिलों में प्राधिकरण के प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ेगी। दोनों संस्थाओं के आपसी समन्वय से आपदा प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।