इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग से पूछा है कि स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा-2023 में कट ऑफ से ज्यादा अंक अर्जित करने वाले अभ्यर्थियों के नाम चयन सूची क्यों शामिल नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने प्रयागराज की प्रयागराज की अर्चना रानी व दस अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
इससे पहले कोर्ट ने आयोग से घोषित परीक्षा परिणाम सीलबंद लिफाफे में तलब किया था। आयोग की ओर से पेश परिणाम में कोर्ट ने पाया कि याची साधना यादव और अमन वर्मा ने कट ऑफ अंक से अधिक अर्जित किए है। फिर भी इन्हें चयन सूची में स्थान नहीं दिया गया।
आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि साधना के बराबर अंक अर्जित करने वाला एक अन्य अभ्यर्थी उम्र में उससे वरिष्ठ है। लिहाजा, टाईब्रेक नियम के कारण वह चयनित नहीं हो सकी है। जबकि, आयोग की ओर से अमन वर्मा के बारे में आयोग कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका। अब कोर्ट ने परीक्षा परिणाम में उजागर हुई गड़बडी पर आयोग से 12 मई तक स्पष्टीकरण तलब किया है।
वकील बोले- रिक्तियां शेष है, लागू नहीं होता टाईब्रेक नियम
याची के अधिवक्ता जयंत कुमार ने दलील दी कि टाईब्रेक नियम तब लागू होता है जब रिक्तियां शेष न हो। मौजूदा भर्ती में आयोग ने पुरूष वर्ग के 11 व महिला के 276 पद यह कहते हुए खाली छोड़ दिये है कि परीक्षा में उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है।