यूपीपीएससी पर धरना स्थल पर तैनात उपनिरीक्षक कृष्ण मुरारी चौरसिया ने तहरीर में बताया कि 11 नवंबर से प्रतियोगी छात्र-छात्राएं उप्र लोक सेवा आयोग के सामने धरने पर बैठे। इस दौरान सामान्य अध्ययन एजुशाला, मेक आईएएस (ऑफिशियल), पीसीएम अभ्यास और पीसीएम मंथन ने भ्रामक सूचनाएं अपलोड कीं।
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आंदोलन के दौरान भ्रामक सूचनाओं से छात्र-छात्राओं को उकसाने पर सिविल लाइंस थाने में चार टेलीग्राम चैनलों पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहां तैनात उपनिरीक्षक कृष्ण मुरारी चौरसिया ने तहरीर में बताया कि 11 नवंबर से प्रतियोगी छात्र-छात्राएं उप्र लोक सेवा आयोग के सामने धरने पर बैठे। इस दौरान सामान्य अध्ययन एजुशाला, मेक आईएएस (ऑफिशियल), पीसीएम अभ्यास और पीसीएम मंथन ने भ्रामक सूचनाएं अपलोड कीं। ताकि, प्रदर्शनकारी हिंसक हों और कानून व्यवस्था खराब हो।
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पीसीएस और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा को एक दिन में कराने की मांग को लेकर यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर छात्रों ने लगातार पांच दिन प्रदर्शन किया था। धरना सोमवार से शुरू हुआ था जो शुक्रवार को सारी मांगे पूरी किए जाने के बाद खत्म किया गया। प्रदर्शन के दौरान कई चैनलों पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में मुकदमा पंजीकृत करने के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई है। जिन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें पीसीएम अभ्यास, जनरल स्टडीज एडुशाला, मेक आईएएस और पीसीएस मंथन शामिल हैं।
यूपीपीएससी पुलिस चौकी के प्रभारी कृष्ण मुरारी चौरसिया की शिकायत पर गुरुवार को सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और आईटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरोगा ने तहरीर में कहा है कि छात्रों को भड़काने के लिए विभिन्न टेलीग्राम चैनलों ने भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कीं और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया।