शासन में ही अटका रहा गया यूपीपीएससी का प्रस्ताव
आयोग की कठिन शर्तों पर एजेंसियां भी नहीं हुईं तैयार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की तर्ज पर ऑनलाइन परीक्षा कराने की योजना बनाई थी और इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन यह प्रस्ताव शासन स्तर पर फंसा रह गया और आयोग ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था लागू नहीं कर सका। हालांकि, आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए कुछ ऐसी शर्र्तें रखी थीं, जिनके आधार पर एजेंसियां भी काम करने को तैयार नहीं थीं। ऐसे में आयोग को ऐक्ट में संशोधन करना पड़ता, सो आयोग भी इसे लागू करने से पीछे हट गया।
केंद्र में तमाम भर्ती संस्थाओं की ओर से ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में यह व्यवस्था लागू नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन से परिणाम समय पर आ जाता है और नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तय समय पर पूरी हो जाती हैं। यूपीपीएससी ने भी इसी तर्ज पर कुछ छोटी परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन की तैयारी की थी। इसके लिए आयोग के अफसरों ने निजी एजेंसियों से बात भी की थी, लेकिन एजेंसियां आयोग की कुछ शर्तें मानने को तैयार नहीं थीं।
सबसे बड़ी चुनौती परीक्षाओं से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता को बनाए रखना था। इसके लिए ऐक्ट में कुछ ऐसी शर्तें हैं, जिनपर अनुबंध करने से एजेंसियां कतरा रहीं थीं और अगर आयोग एजेंसियों की शर्तें मानता तो उसे ऐक्ट में संशोधन करना पड़ता। ऐसे में दोनों तरफ से बातचीत विफल हो गई और और ऑनलाइन परीक्षा का प्रस्ताव भी शासन में अटका रह गया। अगर आयोग में भी ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था लागू हो गई होती तो वहां भी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन अब तक पटरी पर आ गया होता।