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समय से परिणाम देने के लिए आयोग में छुट्टियां रद्द

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साप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश निरस्त होने से भड़के कर्मचारी
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यूपीपीएससी कर्मचारियों ने छुट्टियों पर काम करने से किया इनकार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेव आयोग (यूपीपीएससी) में आगामी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और इससे कर्मचारी भड़के हुए हैं। इससे पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट समय से जारी किए जाने के नाम पर कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश निरस्त कर दिए गए थे। दोबारा आदेश जारी होने से भड़के कर्मचारियों ने आयोग के सचिव को पत्र लिखकर छुट्टियों में काम करने से इनकार कर दिया है।
पिछले दिनों पीसीएस-जे और पीसीएस-2017 की परीक्षा का परिणाम समय से जारी किए जाने का हवाला देते हुए आयोगकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश निरस्त कर दिए गए थे। आयोग दोनों परीक्षाओं के रिजल्ट जारी कर चुका है। 16 सितंबर से पीसीएस-2017 का इंटरव्यू शुरू होने जा रह्रा है और अगले माह पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा है। इसी के मद्देनजर एक और आदेश जारी कर 100 से अधिक आयोगकर्मियों के आगामी साप्ताहिक अवकाश भी निरस्त कर दिए गए हैं। यहां तक कि 10 सितंबर को मोहर्रम की छुट्टी भी रद्द कर दी गई है।
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इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने सचिव को पत्र लिखकर कहा, ‘छुट्टियों पर भी काम लिए जाने से कर्मचारी थककर चूर हो गए हैं और बीमार पड़ रहे हैं। हम आपके सम्मान और आयोग की प्रतिष्ठा के लिए और भय वश भी अनवरत अपना शोषण कराने के लिए पिछले कई महीनों से अभिशप्त थे, क्योंकि वह लोकहित के नाम पर हो रहा था। अब फिर 100 से अधिक कर्मचारियों के साप्ताहिक एवं सार्वजनिक अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। अध्यक्ष हमारी कठिनाइयों को समझने के लिए तैयार नहीं हैं और शायद आप उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में असमर्थ हैं, क्योंकि किसी को न सुनने की उनकी कार्यशैली से हम वाकिफ हो चुके हैं’।
कर्मचारी-अधिकारी संघ के अध्यक्ष ने पत्र में यह भी लिखा, ‘हम श्रमदान रूपी शोषण का विरोध करते हैं। भले ही हमें सस्पेंड कर दें, वेतन काट लें या नोटिस जारी कर दें, लेकिन हममें से कोई कर्मचारी अवकाश के दिनों मेें काम करके अपने जीवन को खतरे में डालने के लिए तैयार नहीं है। हमें कोई मानदेय नहीं चाहिए और पूर्व में अतिरिक्त कार्य के लिए जो मानदेय मिला है, उसे हम आयोग के खाते में जमा कराने का निर्णय लेते हैं। आयोगकर्मी कार्यालय अवधि सुबह 10 से शाम पांच बजे तक काम करेंगे। माह के प्रत्येक रविवार एवं द्वितीय शनिवार को सार्वजनिक अवकाश पर कार्यालय बंद रहेगा और सार्वजनिक अवकाश पर भी काम नहीं करेंगे’।
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बड़ी संख्या में परीक्षाओं के परिणाम लंबित थे। कर्मचारियों से अपील की गई थी कि एक-डेढ़ माह मेहनत से काम कर लें तो व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। कर्मचारियों ने अपनी स्वेच्छा से काम किया और उनके सहयोग के कारण ही सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। उन पर अतिरिक्त कार्य करने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं था और न ही होगा। अगर उन्हें कोई समस्या है तो उनसे बात की जाएगी और उनकी समस्या का समाधान भी होगा।
जगदीश, सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग
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