एक साल आठ महीने के बाद भी यूपीपीएससी की परीक्षाओं की जांच प्रारंभिक चरण में
हाईकोर्ट में नियमित जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग
प्रयागराज। लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीबीआई की कार्यप्रणाली से प्रतियोग छात्र नाखुश हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जांच शीघ्रता से पूरी करने का निर्देश देने की मांग की है। प्रतियोगी छात्र चाहते हैं कि सीबीआई जांच की प्रगति आख्या नियमित रूप से हाईकोर्ट में दाखिल करे। इसे लेकर दाखिल छात्रों की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।
प्रतियोगी छात्र अवनीश पांडेय और अन्य की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि लोक सेवा आयोग द्वारा एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच की परीक्षाओं की सीबीआई जांच की अधिसूचना 21 नवंबर 2017 को जारी की गई थी। इन परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर धांधली और अनियमितता का आरोप है। मगर, एक वर्ष आठ बीत जाने के बाद भी सीबीआई की जांच प्रारंभिक स्तर से आगे नहीं बढ़ सकी है। सीबीआई ने अब तक सिर्फ एक मामले में ही प्राथमिकी दर्ज की है।
प्रतियोगी छात्रों द्वारा आरटीआई में मांगी गई सूचना से ज्ञात हुआ कि इस दौरान 35779 नियुक्तियां की गई हैं। इन सब की जांच होनी है, ताकि प्रतियोगी छात्रों का विश्वास कायम रहे। कोर्ट से मांग की गई है कि सीबीआई को समयबद्ध जांच पूरी करने का निर्देश दिया जाए। जांच के दौरान सीबीआई प्रगति आख्या नियमित रूप से इस अदालत में दाखिल करे, ताकि अदालत उसकी निगरानी कर सके।