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गोपनीयता भी की भंग, बताकर छापने को दिया था मेंस का पेपर

Fri, 31 May 2019 12:20 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : Prayagraj
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उप्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार पर गोपनीयता भंग करने का भी आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर पहले तो ब्लैकलिस्ट कंपनी को छपाई का काम दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस मालिक को यह जानकारी भी दे दी थी कि यह पीसीएस 2018 की मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र है। 

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प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एसटीएफ अफसरों को अहम जानकारियां दी थीं। साथ ही यह भी बताया था कि गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से बरामद नमूना प्रश्नपत्र पीसीएस 2018 मेंस का था। एक दिन पहले ही वह यह नमूना प्रश्नपत्र आयोग परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार से लेकर आया था, जिन्होंने उसे प्रश्नपत्र छपाई का काम दिया था। जानकारों की मानें तो गोपनीयता बरकरार रखने के लिए ही यह नियम बनाया गया है कि छपाई के लिए नमूना प्रश्नपत्र दिए जाते वक्त प्रिंटिंग प्रेस को सिर्फ कोड की जानकारी दी जाए। उसे यह कतई पता नहीं चलना चाहिए कि प्रश्नपत्र किस परीक्षा से संबंधित है। हालांकि सूत्रों की मानें तो कौशिक से पूछताछ के बाद यह लगभग साफ है कि उसे पूरी जानकारी थी कि छपाई के लिए मिला प्रश्नपत्र पीसीएस 2018 की मुख्य परीक्षा का है। माना जा रहा है कि उसे यह जानकारी परीक्षा नियंत्रक की ओर से दी गई। जो सरासर नियमों का उल्लंघन है। साथ ही इससे गोपनीयता भी भंग हुई। 

20 लाख में बेचा जाना था मेंस का पेपर
सूत्रों की मानें तो एसटीएफ को पूछताछ में कौशिक ने जो जानकारी दी है, उससे यह भी पता चला है कि उसके व उसके साथियों के निशाने पर पीसीएस 18 मेंस परीक्षा भी थी। यह जानकारी मिलने के बाद कि उसे छपाई के लिए पीसीएस 18 मेंस परीक्षा का प्रश्नपत्र मिला है, कौशिक ने इस परीक्षा में भी सेंध लगाने की तैयारी कर ली थी। सूत्रों की मानें तो उसने इसके लिए रेट भी तय कर लिया था जिसके बारे में खुद उसने ही पूछताछ में एसटीएफ अफसरों को बताया है। उसने पूछताछ में बताया था कि वह 20 से 25 लाख रुपये में मुख्य परीक्षा का पेपर बेचने की तैयारी मेें था। जिसके लिए उसके साथी एलटी ग्रेड परीक्षा की तरह ही अभ्यर्थियों की तलाश में जुट गए थे। 

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