फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच में उलझा एलटी ग्रेड अभ्यर्थियों का भविष्य

विज्ञापन
विज्ञापन
सात विषयों में सत्यापन प्रक्रिया पूरी, पर नियुक्ति को लेकर असमंजस
विज्ञापन

छह अन्य विषयों में भी सत्यापन शुरू, दो प्रमुख विषयों का रिजल्ट फंसा
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का भविष्य एसटीएफ जांच में उलझ गया है। एसटीएफ को अब तक पेपर लीक के कोई ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। जांच उन पचास अभ्यर्थियों के इर्दगिर्द घूम रही हैं, जिन्होंने पेपर आउट होने का दावा किया। हालांकि इनमें से आधे अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे। जांच पूरी न होने के कारण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भी हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का अंतिम चयन परिणाम देने को तैयार नहीं है जबकि सबसे अधिक पद इन्हीं दो विषयों में हैं।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पिछले साल 29 जुलाई को आयोजित की गई थी, जिसमें तकरीबन चार लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद आयोग ने विषयवार परिणाम जारी करने का सिलसिला रोक दिया था लेकिन बाद में अभ्यर्थियों के आंदोलन के चलते आयोग ने परिणाम जारी किया। कुल 15 में से 13 विषयों के रिजल्ट आ चुके हैं। इनमें से सात विषयों के अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और छह विषयों के अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग की ओर से शासन को अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति भेजी जाएगी लेकिन इस बात पर असमंजस बना हुआ है कि एसटीएफ जांच पूरी होने तक आयोग नियुक्ति के लिए संस्तुति भेजता है या नहीं। अगर आयोग संस्तुति भेजता है तो शासन उसे मानता है या नहीं। इन सबके बीच हिंदी के 1433 और सामाजिक विज्ञान के 1854 पदों का अंतिम चयन परिणाम फंसा हुआ है। इन्हीं दो विषयों में पेपर आउट होने के आरोप लगे थे। सूत्रों का कहना है कि जब तक एसटीएफ की जांच पूरी नहीं हो जाती, जब तक इन दोनों विषयों का रिजल्ट आने की उम्मीद बहुत कम है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें