पत्र में यह दावा भी किया गया है कि इसके फलस्वरूप 76 प्रश्न सही करने वाले छात्र को प्रारंभिक परीक्षा में उतीर्ण और 82 से 84 सही करने वाले को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। सीएम से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करें, ताकि आयोग अंतिम उत्तर कुंजी, प्रारंभिक परीक्षा का कट ऑफ और छात्रों के स्कोर कार्ड शीघ्र जारी करे। सीएम से यह मांग भी की गई है कि 150 प्रश्नों में से एक दर्जन गलत प्रश्न बनाने वाले विशेषज्ञों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए।
आरओ/एआरओ परीक्षा का मुद्दा भी उठाया
पत्र के माध्यम से यह भी अवगत कराया गया है कि नवंबर 2024 में अभ्यर्थियों ने पीसीएस परीक्षा और आरओ/एआरओ परीक्षा को लेकर व्यापक आंदोलन किया था। इसके बाद सीएम के हस्तक्षेप से छात्रों के हित में निर्णय हो पाया। छात्र पुनः अध्ययन प्रक्रिया में लग गए। आयोग ने अब तक आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2024 की तिथि घोषित नहीं की है। जबकि, आंदोलन की समाप्ति के समय आयोग की ओर से कहा गया था कि एक महीने में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाएगी।